कुछ महीने पहले हादसे रोकने के लिए लगाई गई थी रेलिंग, अब कई जगह से टूटकर खाई में गिरी; 50 फीट गहरी खाई के किनारे मौत का खतरा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल–विदिशा हाईवे-18 पर दीवानगंज के पास स्थित बालमपुर घाटी में सड़क सुरक्षा के लिए एमपीआरडीसी द्वारा कुछ महीने पहले लगाई गई लोहे की क्रैश बैरियर (रेलिंग) अब खुद बदहाल हो चुकी है। लगातार हो रहे सड़क हादसों के कारण कई स्थानों पर रेलिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर जमीन पर पड़ी है, जबकि कई हिस्सों में रेलिंग टूटकर 50 फीट गहरी खाई की ओर बिखर गई है। इससे घाटी से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।
बालमपुर घाटी पहले से ही हाईवे-18 का संवेदनशील और दुर्घटना संभावित क्षेत्र माना जाता है। तीखे मोड़ और ढलान के कारण यहां अक्सर वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं। इसी खतरे को देखते हुए एमपीआरडीसी ने सुरक्षा के लिए लोहे की रेलिंग लगाई थी, ताकि हादसे की स्थिति में वाहन खाई में गिरने से बच सकें। लेकिन अब वही रेलिंग कई जगह पूरी तरह टूट चुकी है और सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा हद से बालमपुर घाटी पर होते हैं। यदि वर्तमान स्थिति में कोई वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरता है तो उसे रोकने के लिए कोई सुरक्षा अवरोध नहीं बचेगा। ऐसी स्थिति में वाहन सीधे 50 फीट गहरी खाई में जा सकता है, जिससे बड़ी जनहानि होने की आशंका है।

ग्रामीणों और राहगीरों ने एमपीआरडीसी से मांग की है कि क्षतिग्रस्त रेलिंग को तत्काल बदलकर नई मजबूत क्रैश बैरियर लगाई जाए तथा पूरे घाटी क्षेत्र का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। उनका कहना है कि हादसे के बाद मरम्मत करने की बजाय पहले से सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाएं, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि हाईवे पर टोल वसूली तो नियमित हो रही है, लेकिन सड़क और सुरक्षा सुविधाओं के रखरखाव में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। यदि समय रहते टूटी रेलिंग की मरम्मत नहीं कराई गई तो बालमपुर घाटी में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों की मांग
क्षतिग्रस्त रेलिंग को तत्काल बदलकर नई क्रैश बैरियर लगाई जाए,बालमपुर घाटी का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए,दुर्घटना संभावित स्थानों पर चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर और स्पीड कंट्रोल के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं।
बार-बार दुर्घटनाओं के कारण बालमपुर घाटी पर लगी रोड के दोनों तरफ लोहे की रेलिंग टूट कर बिखर गई है। ऐसे में अगर कोई हादसा होता है तो बड़ा नुकसान होगा इसलिए एमपी आरडीसी को तुरंत लोहे की रेलिंग को दुरुस्त कर कर बहन चालकों की सुरक्षा करना चाहिए।
विनोद सिसोदिया स्थानीय निवासी बालमपुर घाटी
बार-बार हादसों के कारण कई महीनो से बालमपुर घाटी पर लोहे की रेलिंग दोनों तरफ क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ी है कुछ दिन पहले ही दो ट्रक बालमपुर घाटी पर खाई में चले गए थे। जबकि एक ट्रक बालमपुर घाटी में 50 फीट गहरी खाई में जाने से बाल बाल लोहे की रेलिंग से टकराकर रुक गया था।
फूल सिंह सिसोदिया स्थानीय निवासी बालमपुर घाटी