परम पूज्य शंकारानंद जी महाराज द्वारा जन कल्याण के लिए कराया जा रहा श्री महा रूद्र यज्ञ
सी एल गौर रायसेन
जिला मुख्यालय रायसेन 18 किलोमीटर दूर वन क्षेत्र सगरझिरी आश्रम पर विराजमान परम पूज्य शंकारानंद जी महाराज के निर्देशन में 31 जनवरी से 10 फरवरी तक श्री महा रूद्र यज्ञ का पुनीत आयोजन प्रारंभ हो गया है, जिसमें प्रतिदिन रायसेन, विदिशा, भोपाल, सीहोर, होशंगाबाद आदि क्षेत्र के श्रद्धालु यज्ञ के आयोजन में धर्म का लाभ उठाने के लिए पहुंच रहे हैं। कई वर्षों से सगर झिरी आश्रम पर अखंड भक्ति में लीन परम पूज्य शंकारानंद जी महाराज ने जन कल्याण की दिशा में पहल करते हुए महायज्ञ करने की पहल शुरू की है जिसका लाभ हजारों सनातन धर्म प्रेमियों को मिल रहा है। सगर झिरी आश्रम ऐसी पावन भूमि बन चुकी है जहां पहुंचने से ही मनुष्य को शांति का एहसास होता है। महाराज श्री को यहां बरसों गुजर गए परमात्मा की भक्ति करते-करते अब यह स्थान सिद्ध स्थान बन गया है। परमात्मा की ऐसी कृपा है कि इस स्थान पर पानी के लिए एक छोटी सी झरिया है जिसमें 12 महीने पानी रहता है जहां श्रद्धालु महाराज श्री से आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। रायसेन से चिकलोद मार्ग स्थित ग्राम बरूरू खार के ठीक सामने पूर्व दिशा में 4 किलोमीटर की दूरी पर यह सिद्ध स्थान सगर झिरी है, जहां चारों ओर से जंगल लगा हुआ है इस बीच परम पूज्य

महाराज शंकर आनंद जी महाराज यहां आश्रम में अखंड भक्ति में लीन रहते हैं और यहां पहुंचने वाले भक्तों को दर्शन देते हैं। महाराज शंकारानंद जी महाराज बापौली वाले गुरु महाराज के परम शिष्य हैं बाल अवस्था से ही वह गृहस्थ परिवार को छोड़कर संन्यास के मार्ग में आ गए थे महाराज जी शंकारानंद जी को तुलसीकृत रामायणजी कंठस्थ याद है उन पर भगवान भोलेनाथ एवं मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की साक्षात कृपा है उनकी कृपा से ही वह भक्ति के मार्ग में चल कर भक्तों का कल्याण कर हे हैं। पिछले तीन दशक से भी ज्यादा समय हो गया है महाराज शंकर आनंद जी अपना आश्रम छोड़कर कहीं बाहर नहीं गए हैं यही परमात्मा का ध्यान लगाकर जन कल्याण करने में जुटे हुए हैं। उनके अथक प्रयासों से यहां श्री महा रूद्र यज्ञ का पावन आयोजन चल रहा है जिसमें बड़ी संख्या में सनातन धर्म प्रेमी धर्म का लाभ उठाने के लिए पहुंच रहे हैं। वाराणसी से आए यज्ञआचार्य भोलेनाथ महाराज जी द्वारा महायज्ञ का आयोजन संपन्न कराया जा रहा है उनके साथ कई बुद्धिजीवी पंडित भी महायज्ञ के आयोजन में सहयोग कर रहे हैं।