मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
जंगल में मोर नाचा, आपने देखा क्या. नहीं देखा, तो फिर जंगल जाने की जरूरत नहीं है। बस चले आएं रायसेन जिले के सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम नरखेडा, और कुलहड़िया गांव में इस गांव के खेत-खलिहान तक, मोर ही मोर दिखेंगे जी भरकर उन्हें नाचते देखिए, अठखेलियां करते देखिए या फिर कोई और करतब करते देखिए। कई मोर तो नाचते हुए भी दिखाई देंगे। इसमें न कोई पैसा लगेगा और न ही इसके लिए आपको परेशान होने की जरूरत है।

जी हां रायसेन जिले के नरखेडा गांव से लगकर कूल्हाड़िया रेंज में कई मोर हैं। यहां मोर रेंज के आसपास खेत खलियान में घूमते फिरते नजर आते रहते हैं। गांव के ग्रामीण इन मोरो को पकड़ते नहीं है। गांव के घर, गली व खेतों में मोर यूं ही चलते फिरते दिखते हैं। इनकी एक झलक देखने के लिए नर खेड़ा गांव के आसपास के इलाके के लोग भी मोर देखने के लिए यहां आते रहते हैं।
नरखेडा पंचायत सरपंच रामदयाल लोधी बताते हैं कि मोर गांव वासियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते। अगर थोड़ा बहुत नुकसान होता भी है तो गांव वालों की तरफ से उन्हें कुछ नहीं कहा जाता। नर खेड़ा गांव के आसपास जंगल लगा हुआ है कई मोर हर कभी खेत खलियान में नाचते हुए दिखाई देते हैं। यह पर मोर एक दो नहीं है बल्कि कई सारे मोर खेत खलियान में रात दिन अठखेलियां करते दिखाई देते हैं। मोरो की दिन रात गांव में बहुत सुंदर आवाज गूंजती रहती है।