मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दो दिन बाद शहनाई का शोर थम जाएगा। क्योंकि 15 दिसंबर को खरमास लग रहा है। ऐसे में एक माह तक मांगलिक कार्यक्रम नहीं होंगे। मकर संक्रांति पर फिर से शहनाई गूंजने लगेगी। विवाह के शुभ मुहूर्त के लिए 15 जनवरी तक इंतजार कराना होगा।
दीवानगंज के चन्द्र मोहन तिवारी ने बताया कि खरमास में मुंडन, जनेऊ या फिर अन्य मांगलिक संस्कार शुभ नहीं माना जाता है।
15 दिसंबर को सूर्य वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन से ही खरमास लग जाएगा। धनु राशि में सूर्य 30 दिन तक रहेंगे। इसके बाद 15 जनवरी (मकर संक्रांति) को धनु राशि से निकलकर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन से शुभ कार्य फिर शुरू हो जाएंगे।
धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य देव जब गुरु की राशि धनु और मीन में प्रवेश करते हैं, तो वह अपने गुरु की सेवा में लग जाते हैं और उनका प्रभाव कम हो जाता है। इस समय कोई भी शुभ कार्य नहीं होता है।
खरमास के कारण गुरु का बल भी कमजोर हो जाता है और शुभ कार्य के वक्त सूर्य और गुरु दोनों का ही शुभ स्थिति में होना जरूरी है। इस वजह से खरमास में कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता है।
मकर संक्रांति पर मलमास का समापन होगा। इसके बाद 15 जनवरी को मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाएंगे। इस बार 16 से 18 व 21 व 22 जनवरी को अत्यधिक सावे भी हैं। इसके अलावा गृह प्रवेश, मंदिरों में देव प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के मुहूर्त होंगे। इसके साथ ही यज्ञ, मुंडन संस्कार, गृह आरंभ मुहूर्त आदि हो सकेंगे।