उदयपुरा रायसेन ।श्री रामचरितमानस विद्यापीठ के अंतर्गत 4 माह से निरंतर मानस यात्रा अंतर्गत चल रहा रविवारीय साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम शिव हनुमान मंदिर पर आयोजित हुआ, जिसमें आयोजक सुनील रघुवंशी एवं रामबाबू रघुवंशी पूर्व कृषि अधिकारी द्वारा विद्वानों का माल्यार्पण कर एवं श्रोताओं को चंदन, चावल, तिलक लगाकर सम्मान किया।
सत्संग सभा में मानस आचार्य सुरेंद्र स्थापक ने बताया कि जैसे सीप में चांदी की, और सूर्य की किरणो में पानी की प्रतीत होती है, यद्यपि यह प्रतीत तीनों कालों में झूठ है, तथापि इस भ्रम को कोई हटा नहीं सकता, इसी तरह यह संसार भगवान के आश्रित रहता है, सपने में कोई सिर काट ले तो बिना जागे वह दुख दूर नहीं होता, यद्यपि यह असत्य है, तो भी दुख तो होता ही है ,इसी तरह यह संसार भगवान के आश्रित है, प्रभु श्री राम की कृपा से मन का मोह, बुद्धि का भ्रम, और चित्, का संशय,सब मिट जाते हैं, कथाकार रामनरेश शास्त्री ने बताया कि प्रभु श्री राम असुरों को मार कर देवताओं को स्थापित करते हैं, वेदों की मर्यादा की रक्षा करते हैं, और जगत में अपना निर्मल यश फेलातेहैं, मानस चिंतक लक्ष्मण पचौरी ने बताया कि प्रभु श्री राम के यश को गाकर भक्तजन भवसागर से तर जाते हैं, भक्तों के कारण ही भगवान निराकार से साकार रूप धारण करते हैं।

सत्संग सभा में नर्मदा प्रसाद रामायणी, हरिदास संगीताचार्य, देवव्रत राजोरिया, कैलाश दुबे एवं योगेश पांडे ने मानस में चल रहे शिवजी द्वारा पार्वती को सुनाई जा रही राम कथा प्रसंग को सुंदरतम ढंग से वर्णित किया, मानस यात्रा संयोजक अधिवक्ता चतरनारायण रघुवंशी ने 58 वे रामचरितमानस सम्मेलन के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम ग्राम पचामा में आयोजित किए जाने की जानकारी गई।
क्षेत्र की सुख शांति एवं सद्भाव के लिए मानस ग्रंथ की मंगल आरती में गाडरवारा से पधारे निरंजन सिंह राजपूत, उदयपुरा अभिभाषक मंडल के अध्यक्ष राजेश कटारे, संतोष शर्मा, सुमेर सिंह राजपूत, डीपी पाठक, राजेंद्र गुप्ता, सीताराम धाकड़, अनिल पटेल, रामस्वरूप शर्मा पुजारी, अशोक रघु ,ओंकार सिंह, नर्मदा प्रसाद रघु, बीरन सिंह पटेल ,देवांश शर्मा, नारायण मेहरा, निर्भय सिंह, हरिशंकर, महेंद्र राजपूत, तुलाराम आदिवासी, अतुल राय ,कल्याण प्रजापति,आदि मानस प्रेमी जनो ने भाग लेकर सत्संग श्रवण किया,