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21 जून को हर साल दोपहर के 12 बजे परछाई भी साथ छोड़ देती है,कर्क रेखा पॉइंड बना सेल्फी पॉइंट.

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मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन

जब परछाई इंसान का साथ छोड़ दे तो माना जाता है कि मृत्यु निकट होती है. लेकिन एक स्थान पर कुछ समय के लिए परछाई साथ छोड़ देती है और मृत्यु का भय नहीं होता है. यह जगह एक सेल्फी पॉइंट बन चुकी है.

दरअसल, मध्य प्रदेश में रायसेन जिले के दीवानगंज से गुजरी ‘कर्क रेखा’ एक अनोखा सेल्फी पाइंट है. जहां पर इंसान का साया (परछाई) ही गायब हो जाती है. इस जगह 21 जून को हर साल दोपहर के 12 बजे साया भी साथ छोड़ देती है.

जिस कर्क रेखा को हमने बचपन से भूगोल में पढ़ा है और ग्लोब पर जिसे देखा है, वह कर्क रेखा मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के दीवानगंज सलामतपुर के बीच नेशनल हाइवे से गुजरती है. हर साल 21 जून को दोपहर 12 बजे इस कर्क रेखा पर इंसान का साया परछाई साथ छोड़ देती है, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कर्क रेखा स्थल पर 21 जून को दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें 90 डिग्री लंबवत पड़ने के कारण खड़े व्यक्ति की परछाई ही नहीं बनती, इसलिए कर्क रेखा क्षेत्र को ‘नो शैडो जोन’ भी कहा जाता है
जिस कर्क रेखा को हमने बचपन से भूगोल में पढ़ा है और ग्लोब पर जिसे देखा है, उस स्थान पर ठहरना अपने आप में एक अलग ही अनुभूति है.
भोपाल से आए छात्र छात्राओं द्वारा कर्क रेखा स्थान पर सेल्फी ली और अपनी परछाई को जाते हुए देखा उन्होंने बताया कि इस स्थान के बारे में काफी सुना था आज देखकर बहुत अच्छा लगा।

पर्यटन स्थल कर्क रेखा पर इन दिनों प्रमुख सेल्फी प्वाइंट बना हुआ है। यहां से निकलने वाला हर व्यक्ति सेल्फी लेना नहीं भूलता। 21 जून को हर साल दोपहर 12 बजे यहां पर व्यक्ति को अपनी परछाई भी नहीं दिखती और परछाई साथ छोड़ देती है। हम बचपन से यह कहावत सुनते आ रहे हैं कि कोई साथ हो न हो, आदमी का साया हमेशा उसकेे साथ रहता है। लेकिन 21 जून को कर्क रेखा क्षेत्र में आदमी का साया भी उसका साथ छोड़ देता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कर्क रेखा स्थल पर 21 जून को दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें 90 डिग्री लंबवत पडऩे के कारण खड़े व्यक्ति की परछाई ही नहीं बनती। इसलिए कर्क रेखा क्षेत्र को नो शैडो जोन भी कहा जाता है। जिस कर्क रेखा को हमने बचपन से भूगोल में पड़ा है और ग्लोब पर जिसे देखा है उस स्थान पर ठहरना अपने आप में एक सुखद अनुभूति है।
कर्क रेखा मध्यप्रदेश के भोपाल विदिशा हाईवे 18 दीवानगंज के पास उत्तर से निकलती है। जहां से यह गुजरती है वह स्थान भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे.18 पर रायसेन जिले के मध्य स्थित है। कर्क रेखा को चिन्हांकित करने के लिए उस स्थल पर राजस्थानी पत्थरों से चबूतरानुमा स्मारक बनाया गया है। यह स्थान रायसेन जिले का सबसे आकर्षक सेल्फी पाइंट है। यहां से निकलने वाला प्रत्येक व्यक्ति सेल्फी लिए बिना आगे नहीं बढ़ता। शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से पहले ही सैलानियों का कर्क रेखा पर तांता सा लग गया।
कर्क रेखा पर कई राहगीर अपनी परछाई गायब होने के लिए इंतजार कर रहे थे और सेल्फी ले रहे थे मगर जैसे ही दोपहर 12 बजे तो परछाई गायब तो नहीं हुई मगर जो व्यक्ति खड़े हुए थे उसके पैरों के नीचे परछाई पहुंच चुकी थी सेल्फी लेने में कई राहगीर मुंबई, भोपाल,विदिशा और दीवानगंज के आसपास क्षेत्र के लोग मौजूद थे

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