तेंदुपत्ता तोड़ने गई महिलाओ के पीछे चल रहे पालतू कुत्ते पर तेंदुएं ने किया हमला,बाल बाल बची तेंदुपत्ता श्रमिक
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के ग्राम नरखेड़ा मैं शनिवार को कुछ महिलाएं पहाड़ पर तेंदू के पत्ते तोड़ने गई थी। महिलाओं के साथ एक कुत्ता भी पहाड़ पर गया हुआ था। तेंदू के पत्ते तोड़ने के बाद सभी महिलाएं इकट्ठा होकर शाम को वापस घर आ रही थी तभी तेंदुआ ने पीछे चल रहे कुत्ते के ऊपर हमला करने की कोशिश की तो कुत्ता भाग कर महिलाओं के बीच में आ गया। महिलाओं ने जैसे ही तेंदुआ को देखा तो सभी घबरा गई। सभी महिलाएं ग्रुप में इकट्ठा होकर अपने घर वापस आई। गनीमत रही की तेंदुआ ने किसी महिला के ऊपर हमला नहीं किया ,नहीं तो एक बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
नर खेड़ा निवासी बबली बाई,तारा बाई,ममता बाई ने बताया कि तेंदुआ को देखकर हमारे होश उड़ गए थे क्योंकि तेंदुआ ने कुत्ते के ऊपर हमला करने की कोशिश की थी इसलिए कुत्ता घबराकर हमारे बीच में आ गया कुछ देर के लिए तो हम नहीं समझ पाए मगर जब हमें तेंदुआ दिखा तब जाकर हम लोग समझ पाए कि तेंदुआ ने कुत्ते के ऊपर हमला करने की कोशिश की थी हम सभी महिलाएं पहले तो घबरा गई मगर जैसे जैसे हिम्मत कर सभी महिलाएं इकट्ठा होकर जल्दी-जल्दी चलकर अपने घर आ पाए। घर आने के बाद हमने राहत भरी सांस ली।
बता दें कि नर खेड़ा, शाहपुर, टोला, कुलहड़िया आदि गांव में तेंदुआ का मूवमेंट लगातार बना हुआ है निवासी कई दिनों से दहशत में जी रहे हैं। इससे पहले भी तेंदुआ ने इन गांवों के जानवरों के ऊपर हमला किया था। 3 महीने से दीवानगंज अंबाडी आदि गांव के जंगलों में तेंदुआ का मूवमेंट नहीं देखा जा रहा था नरखेडा में रहने वाले ओमप्रकाश लोधी, धनीराम लोधी, बारेलाल लोधी, मोहन सिंह लोधी, आदि ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों से तेंदुए को हम लोग पहाड़ पर घूमते हुए देख रहे हैं। वन विभाग के कर्मचारियों से कई बार तेंदुआ की शिकायत कर चुके हैं। मगर वन विभाग के अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। रात के समय हमेशा हमें डर बना रहता है कि कहीं तेंदुआ हम पर हमला न कर दे। हम अपने बच्चों को भी शाम के समय घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। इससे पहले भी तेंदुआ का मूवमेंट इस तरफ देखा गया है। तेंदुआ दीवानगंज क्षेत्र के आसपास के कई गावों 15 दिन के अंदर कई पशुओं का शिकार कर चुका है।