Let’s travel together.

ओझल हुई चंचल तो नम हुई लोगों कीं आंखे हथिनी को दी आखिरी विदाई

125

जबलपुर। फिल्म हाथी मेरे साथी का वो गीत तो सभी को याद होगा जब हाथी की मौत पर खुश रहना मेरे यार गाने ने सभी को रुलाने मजबूर कर दिया था। कुछ इसी तरह हथिनी की मौत पर जबलपुर में हुआ है। यहां लगभग दो माह पूर्व जबलपुर में पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में भाग लेने चंचल नाम की हथिनी को बुलाया गया था। उसके साथ उसके महावत गोविंद गिरी भी साथ आए थे। इस दौरान हथिनी चंचल बीमार हो गई जिसका इलाज जबलपुर में किया गया, लेकिन अपने स्वास्थ्य से लड़ते-लड़ते उसने अपनी जिंदगी से विदा ले लिया है। चंचल अब ओझल हो चुकी है। यह देख आज लोगों की आंखें नम हो गई। उसे नम आंखों से विदा देते हुए वन विभाग की उपस्थिति में हथिनी चंचल का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

सतपुला बाजार में हथिनी को दफनाया गया

हथिनी का अंतिम संस्कार जीसीएफ एस्टेट राममंदिर के पीछे सतपुला बाजार में किया गया। यहां वन विभाग के लोगों की मौजूदगी व महावत गोविंद गिरी की उपस्थिति में उसे दफनाया गया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

देहगांव ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में रायसेन–राहतगढ़ मार्ग के विरोध में विशाल जनसभा एवं धरना-प्रदर्शन     |     मुनि संघ का भव्य मंगल प्रवेश, जगह-जगह हुआ पाद प्रक्षालन     |     नशाखोरी एवं जुआ गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग     |     नकटी में हुई कथित अवैध कार्रवाई के विरोध में माना थाना घेराव, जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग     |     कान्वेंट स्कूल छात्र संघ का शपथ एवं पदभार ग्रहण समारोह     |     बेगमगंज में 16 जुलाई को निकलेगी रथयात्रा      |     चलती ट्रेन से गिरकर युवक की मौत,पुलिस जांच में जुटी     |     हाईवे-18 पर तेज रफ्तार कंटेनर ने 5 गायों को कुचला, चालक फरार     |     पुरानी पुलिस चौकी के सामने जानलेवा गड्ढे में दो महीने में 12 बाइक सवार घायल     |     प्रशासन-ग्रामीणों की बैठक, हादसों पर रोक के लिए विशेष वाहन और गश्त की व्यवस्था     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811