– नीमीबियाई चीते ओवान को रास आ रहा है माधव नेशनल पार्क
– चार टीमें लगातार रेडियो कॉलर की मदद से चीते को ट्रैक कर रही हैं
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क से भागे नीमीबियाई चीते ओवान को
अब माधव नेशनल पार्क की आबोहवा रास आ रही है। यहां भोजन की आसानी से उपलब्धता और इस नेशनल पार्क का प्राकृतिक वातावरण चीते को अपने अनुकूल लग रहा है। यही कारण है पिछले 3 दिन से ओवान ना केवल इस नेशनल पार्क के जंगल में स्वच्छंद विचरण कर रहा है बल्कि इस दौरान उसने दो हिरणों को भी आसानी से अपना शिकार बनाया है। गुरुवार की सुबह नीमीबियाई चीते ओवान की लोकेशन माधव नेशनल पार्क के बलारपुर कंपाउंड के पास परासरी बताई गई है। इससे पहले बुधवार को ओवान ने पूरा दिन डोंगर गांव में एक फार्म हाउस के अंदर टमाटर के खेत में आराम करते हुए बिताया।

चार टीमें लगातार रेडियो कॉलर की मदद से चीते को ट्रैक कर रही हैं–
माधव नेशनल पार्क के प्रबंधक और सीसीएफ उत्तम शर्मा ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क से भागकर माधव नेशनल पार्क में आए चीते को जहां का माहौल रास आएगा वह वहां रह सकता है। प्रोटोकॉल के तहत यदि चीता गांव या शहर के आस-पास पहुंचता है तो उसे रेस्क्यू करना पड़ता है। फिलहाल चार टीमें लगातार रेडियो कॉलर की मदद से चीते को ट्रैक कर उसकी सुरक्षा में जुटी हुई है वहीं चीते की हर गतिविधि पर टीम द्वारा लगातार नजर रखी जा रही है।

कूनो से भागे चीते ओवान का शिवपुरी में 5वां दिन –
ओवान का शिवपुरी में आज 5 वां दिन 15 अप्रैल शनिवार की रात कूनो नेशनल पार्क से भागे नीमीबियाई चीते ओवान का आज शिवपुरी में 5वां दिन है। सबसे पहले चीता कूनो नेशनल पार्क की सीमा से सटे बैराड़ तहसील क्षेत्र के जंगल में पहुंचा यहां दो दिन तक जौराई कैमई, रैय्यान, देवपुरा, ऊंची वरोद जरिया खुर्द और मारौरा-झलवासा गांवों से होता हुआ चीता तीन दिन पहले माधव नेशनल पार्क की उत्तरी सीमा में प्रवेश कर गया था । माधव नेशनल पार्क की चिटौरा चिटोरी बिनेगा और टुंडा भरका वाटरफॉल से रात में फोर लाइन क्रास कर ओवान बर्दखेड़ी गांव के नजदीक पहुंच गया जहां शोर मचाने पर चीता खेतों की ओर भाग गया। बुधवार को डोंगर गांव के एक फार्म हाउस में आराम करने के बाद चीता रात में वहां से निकल गया। फिलहाल नीमीबियाई चीते ओवान की लोकेशन माधव नेशनल पार्क के परासरी में बताई गई है।

माधव नेशनल पार्क थ्री बिग कैट की मौजूदगी वाला पहला पार्क-
कूनो नेशनल पार्क से भागकर माधव नेशनल पार्क में पहुंचे नीमीबियाई चीते ओवान की मौजूदगी ने इस नेशनल पार्क को
अपने आप में बिग कैट स्पीशीज की एक ही स्थान पर उपलब्धता के लिए पहचान बनाने वाला देश का पहला नेशनल पार्क बना दिया है। पूरे देश में अभी तक किसी भी नेशनल पार्क में टाइगर लेपर्ड और चीता एक साथ नहीं देखे गए हैं।जिस तरह से नीमीबियाई चीता ओवान माधव नेशनल पार्क की आबोहवा को पसंद कर रहा है उसे देखकर अगर कहा जाए कि चीतों की बसाहट यहां होगी तो माधव नेशनल पार्क देश का ऐसा पहला नेशनल पार्क होगा जहां पर्यटकों को थ्री बिग कैट टाइगर (वाघ)लेपर्ड (तेंदुआ) और चीता एक साथ देखने को मिलेंगे।