बुरहानपुर। वनभूमि से अतिक्रमण हटाने का पुलिस द्वारा शुरू किया गया अभियान समाप्ति की ओर है। पुलिस ने अब नेपानगर थाने पर हमलाकर तीन आरोपितों को छुड़ा ले जाने वाले साठ से ज्यादा अतिक्रमणकारियों की गिरफ्तारी पर फोकस किया है। इस मामले में पांच आरोपितों की पुलिस ने दो दिन पहले गिरफ्तारी की थी। बुधवार को मुख्य आरोपित हेमा मेघवाल के साले नारायण पुत्र जेठा चारण निवासी पिपरी थाना उदयपुर जिला देवास को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा ने बताया कि नारायण थाने पर हमला करने वाले आरोपितों में शामिल था। गत छह अप्रैल की रात हेमा मेघवाल को छुड़ाने के लिए भीड़ ने थाने पर हमला कर दिया था। इनमें सीवल और बाकड़ी सहित अन्य गांवों के अतिक्रमणकारी शामिल थे। इस दौरान थाने में तोड़-फोड़ करते हुए पुलिसकर्मियों से मारपीट भी की गई थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शेष आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना की गई हैं।
जंगल में लगाई आग बुझाई
पुलिस की लगातार चल रही कार्रवाई से बौखलाए अतिक्रमणकारियों ने मंगलवार देर रात सीवल-बाकड़ी मार्ग में काटे गए पेड़ों में आग लगा दी थी। इससे उठती लपटें काफी दूर से दिखाई दे रही थीं। रात होने के कारण वन अमला नहीं गया था। बुधवार सुबह अग्निशमन दस्ते के साथ वनकर्मी घटनास्थल पहुंचे और आग को बुझाया। क्षति अधिक नहीं हुई है। सिर्फ कुछ छप्पर और सुखी पतली लकड़ियां/बल्लियां ही जल का नष्ट हुई हैं। अधिकतर लकड़ी अभी भी सुरक्षित है, जिसको संग्रहण करने की कार्रवाई चल रही है।
पुलिस के सुरक्षा घेरे में वन विभाग ने उठाई दो करोड़ की सागौन
बुरहानपुर। पुलिस फोर्स के सुरक्षा घेरे में बुधवार को वन विभाग ने सीवल-बाकड़ी मार्ग स्थित अतिक्रमणकारियों के झोपड़ों से सागौन की बल्लियां उठवाई हैं। इस काम में वन विभाग के करीब तीन सौ कर्मचारी लगाए गए थे। लकड़ी उठाने के लिए विभाग ने 31 ट्रक और 17 ट्रैक्टर लगाए थे। इस लकड़ी की अनुमानित कीमत दो करोड़ के आसपास आंकी गई है। डीएफओ अनुपम शर्मा ने बताया कि बरामद की गई लकड़ी करीब ढाई सौ घनमीटर के आसपास है। इसे नेपानगर सहित अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इससे पहले मंगलवार को भी वन विभाग ने करीब एक करोड़ कीमत का सागौन बरामद किया था।
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