दीवानगंज क्षेत्र के गांवों में नहरों की सफाई शुरू, रायसेन के किसानों को भी मांग पर मिलेगा पानी
40 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगा सिंचाई का लाभ
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
किसानों को रबी की फसल की सिंचाई के लिए समय पर पानी उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू हो गई है। अशोक सम्राट हलाली डैम से निकलने वाली नहरों की दीवानगंज क्षेत्र के अंबाडी, सेमरा, नरखेड़ा, बरजोरपुर सहित आसपास के गांवों में साफ-सफाई का काम शुरू कर दिया गया है। विदिशा जिले में 1 नवंबर से नहरों में पानी छोड़े जाने की तैयारी है। वहीं, रायसेन जिले के किसानों को भी मांग करने पर नहरों से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। हलाली डैम में इस वर्ष जलस्तर 1507 फीट तक पहुंचने से दोनों जिलों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद है।
अनुविभागीय अधिकारी बीके बागुल्या ने बताया कि 1 नवंबर से विदिशा जिले की नहरों में पानी छोड़ दिया जाएगा। फिलहाल नहरों की साफ-सफाई कराई जा रही है, ताकि पानी खेतों तक पहुंचने में परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि रायसेन जिले के किसानों की ओर से अभी नहरों में पानी छोड़ने की मांग नहीं की गई है। किसान जैसे ही मांग करेंगे, उन्हें भी शीघ्र पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
40 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगा फायदा
हलाली डैम से विदिशा और रायसेन जिले के किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। जलाशय से निकलने वाली नहरों के माध्यम से करीब 40 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाया जाता है। नहरों की समय पर सफाई और निर्धारित समय पर पानी छोड़े जाने से किसानों को रबी की फसल की सिंचाई में राहत मिलेगी। इसके अलावा हलाली डैम दोनों जिलों के कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

24.59 करोड़ से बनाए पांच चैनल गेट
हलाली डैम के ओवरफ्लो क्षेत्र में करीब दो वर्ष पहले 24.59 करोड़ रुपए की लागत से पांच चैनल गेट का निर्माण कराया गया था। इससे पहले जलाशय का जलस्तर बढ़ने पर कयामपुर, संग्रामपुर सहित आसपास के गांवों और खेतों में पानी भरने की स्थिति बन जाती थी। इससे खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ ग्रामीणों को भी परेशानी उठानी पड़ती थी।
इस समस्या के समाधान के लिए जलाशय के ओवरफ्लो क्षेत्र में पांच चैनल गेट बनाए गए। इसके लिए 12 मीटर ऊंचाई वाले पांच पिलर का निर्माण भी कराया गया। इन गेटों के माध्यम से जलाशय के पूरी तरह भरने की स्थिति में अतिरिक्त पानी को नियंत्रित तरीके से बाहर निकालने में मदद मिलती है। इससे खेतों और ग्रामीण आबादी को जलभराव से होने वाले नुकसान से बचाने में राहत मिलने की उम्मीद है।
किसानों को समय पर पानी मिलने की उम्मीद
इस वर्ष हलाली डैम का जलस्तर 1507 फीट तक पहुंचने से सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होने की उम्मीद है। अब किसानों की नजर नहरों की सफाई पूरी होने और निर्धारित समय पर पानी छोड़े जाने पर है। यदि नहरों के माध्यम से पानी सुचारू रूप से खेतों तक पहुंचता है, तो दोनों जिलों के किसानों को रबी की फसल की सिंचाई में बड़ी राहत मिल सकती है।
बता दे की दीवानगंज क्षेत्र में इस साल 95% किसानों ने धान रोपाई कि है अभी खेतों में धान की फसल पककर तैयार हो रही है कुछ ही दिनों में उसकी कटाई होगी कटाई होने के बाद किसान नहर में पानी छोड़ने की मांग करेंगे।
इनका कहना हे
हमने कई एकड़ में इस वर्ष धान की फसल लगाई है। अभी फसल खड़ी हुई है कुछ ही दिनों में फसल कटाई करेंगे इसके बाद नहर में पानी की मांग रखेंगे।
हरि पटेल लोधी किस ग्राम सेमरा
इस वर्ष बारिश लेट होने के कारण धान की फसल लेट हो गई है अभी खेतों में फसल खड़ी हुई है। धान की फसल कटाई होने के बाद नहर में पानी छोड़ने की मांग की जाएगी।
जितेंद्र मीणा किसान ग्राम अंबाडी