युवती से धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल, बरेली थाने का वीडियो भी सामने आया; पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज नहीं करने के आरोप
रायसेन। जिले के बरेली क्षेत्र में एक युवती के साथ कथित धक्का-मुक्की और मारपीट से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसी मामले से संबंधित बताया जा रहा एक अन्य वीडियो बरेली थाने का भी सामने आया है, जिसमें एक युवती पुलिस से शिकायत दर्ज करने की मांग करती दिखाई दे रही है।

वायरल वीडियो में युवती पुलिस पर उसकी शिकायत दर्ज नहीं करने का आरोप लगाती नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद बरेली पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

थाने में शिकायत दर्ज कराने की मांग करती दिखी युवती
सोशल मीडिया पर वायरल बताए जा रहे वीडियो में युवती पुलिस के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराने की मांग करती दिखाई दे रही है। युवती द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोपों को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि शिकायत पर पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई और घटना के संबंध में प्रकरण दर्ज किया गया या नहीं।
मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

थाना प्रभारी के सम्मान का भी हो रहा उल्लेख
वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर बरेली थाना प्रभारी दीपक गुप्ता के कार्यों और उन्हें पुलिस महानिदेशक (DGP) की ओर से सम्मानित किए जाने का उल्लेख भी किया जा रहा है। ऐसे में थाने का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
हालांकि, किसी अधिकारी को पूर्व में मिला सम्मान और इस मामले में सामने आए आरोप—दोनों अलग-अलग तथ्य हैं। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस या किसी अधिकारी की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री के गृह नगर का मामला
बताया जा रहा है कि युवती से धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के गृह नगर बरेली की है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी इसकी चर्चा तेज हो गई है।
अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस इस मामले में युवती की शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है और वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच किस तरह की जाती है।
नोट: वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।