वार्डों की सड़क, समुचित सफाई सहित शुद्ध पेयजल प्रमुख मुद्दा, जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने प्रत्याशी दिला रहे भरोसा
शिवलाल यादव
रायसेन।नगरीय निकाय के चुनाव को लेकर उम्मीदवार घर-घर संपर्क कर रहे हैं। इस बार नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष का पद ओबीसी महिला के आरक्षित है। इसके लिए पार्षद का चुनाव जितना जरूरी है।फिलहाल नपा रायसेन के18 वार्डों में से वार्ड 1 नरापुरा को छोड़कर 17 वार्डों में सियासत गरमाई हुई है।
वोटरों के बीच जनसंपर्क में उम्मीदवारों को जनता के प्रमुख मुद्दों व समस्या के सवालों का भी सामना करना पड रहा है। आने वाली नपा परिषद व अध्यक्ष से जनता को कई अपेक्षाएं है। फिलहाल उम्मीदवार विजय होने के बाद सभी की उम्मीदों पर खरा उतरने का भरोसा दिला रहे हैं।
शुद्ध पेयजल का आमजन को इंतजार…..
शहर के सभी 18 वार्डों शुद्ध पेयजल वितरित नहीं होने और जलकर की राशि80 रुपये से बढ़ाकर 280 रुपये करने पर भी आमजनों में आक्रोश देखने को मिला।नगर में सबसे प्रमुख मुद्दा स्वच्छ जल का है। हलाली डैम से रायसेन पेयजल संवर्धन योजना में करोड़ों का बजट खर्च करने के बावजूद जनता गंदा मटमैला पानी पीने को मजबूर है।गंदा पानी पीकर लोग पेट संबंधी बीमारी झेल रहे हैं।
गंदा व मटमेला पानी आने से लोग हलाली नलजल योजना के के पानी का उपयोग पेयजल में करने में परहेज करने लगे है। हालांकि नगर पालिका परिषद द्वारा रायसेन बायपास के नजदीक बने वाटर फिल्टर प्लांट पर पूर्ण ट्रीटमेंट के बाद पानी सप्लाई किया जा रहा है।लेकिन पानी की शुद्धता को लेकर लोगों विश्वास नहीं है।
वर्तमान में हालात यह है कि नगर पालिका के तकरीबन 80 फीसदी लोगों ने नल के पानी का पेयजल में उपयोग करना बंद कर दिया है। इसके स्थान पर अधिकांश रहवासी पेयजल के लिए टैंकर, हैंडपंप, नलकूप, आरओ केन के पानी का उपयोग कर रहे है। नल के पानी का इस्तेमाल केवल नहाने, कपडे़ धोने आदि कार्य के लिए ही किया जा रहा हैं।
समुचित सफाई की दरकार….
दूसरा मुद्दा स्वच्छता ,जल भराव और अच्छी क्वालिटी की सड़कों का है, जिससे नगर को स्वच्छ और सुन्दर बनाया जा सके। अब तक के कार्यकाल में सफाई व्यवस्था को लेकर हमेशा लोग असहमत रहे है। मुख्य मार्ग तो साफ रहते है। लेकिन गलियों व मोहल्लों में समुचित सफाई का अभाव रहता है।अंदर की गलियों से आमजनों की शिकायतों के बाद भी कचरा गंदगी उठती तक नहीं है।कचरे पर भिनभिनाती मच्छर मक्खियों की वजह से संक्रामक बीमारियों के कारण जनता परेशानी कम नहीं होती।
अतिक्रमण व पार्किंग पर दें ध्यान…..
इसी के साथ नगर में अस्थाई अतिक्रमण और पार्किंग व्यवस्था की समस्या पिछले कई सालों से बनी हुई है। ऐसे में नगरवासियों में डॉ आरके अधिकारी डॉ राजेश लोधी प्रदीप मिर्धा ,राहुल कटारे,ओमप्रकाश अहिरवार की मांग है कि इस पर प्रमुख रूप से कोई योजना बनाना चाहिए। जिससे उक्त समस्या का स्थाई निराकरण हो सके। वहीं शहर में जिन स्थानों पर खस्ताहाल सड़क है या जहां पर निर्माण रुका हुआ है, उसको लेकर भी लोगों को नई नगरपालिका परिषद से काफी अपेक्षा है।क्योंकि नगर में खस्ताहाल सड़क और घटिया सड़कों के निर्माण की समस्या के चलते भी रहवासियों में नाराजगी है। लोगों का आरोप
है कि पिछली कार्यकाल के एक जनप्रतिनिधि का ठेकेदारों से कमीशन का 40 फीसदी कमीशनखोरी जो थी।ऐसे में सड़क ठेकेदार घटिया मटेरियल का इस्तेमाल करते नहीं तो क्या करते।घटिया निर्माण किसी से छिपा नहीं था।तालाब घाट के समीप सड़क भूमिपूजन के बाद नहीं बन सकी।यह बड़े शर्म की बात है।एक चैनल के डिवेट प्रोग्राम में 10 वर्ष पूर्व के एक अध्यक्ष पति पर एक युवक ने सीधा आरोप जड़ दिया कि कान्वेंट स्कूल रायसेन के पास उनके ठेकेदार भाई बाकी दो मंजिला हॉटेल बिना किसी डायवर्शन परमिशन के तान दी गई।तमाम उसूल रखे रह गए।गरीबों को परमिशन के लिए महीनों समय लग जाता है।यह कैसी बिडंवना है।
इसी प्रकार आवारा मवेशी और हाथ ठेलों फुटकर सब्जी फल के ठेलों के स्थायित्व की समस्या का भी स्थाई निराकरण करने की दरकार है।जिससे हाइवे पर आएदिन ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा जाती है।