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सिमरोदा स्कूल में ताले लगने का मामला गरमाया,5 शिक्षक मिले नदारद

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अब जिला शिक्षा अधिकारी के पास पहुँचेगा पूरा प्रकरण

चिकलोद संकुल प्रभारी ने जारी किए थे नोटिस, शिक्षकों ने 3 दिन में सौंपा जवाब

रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन 

जनपद शिक्षा केंद्र औबेदुल्लागंज अंतर्गत आने वाले सिमरोदा स्कूल में ताले लगे मिलने और शिक्षकों की अनुपस्थिति का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्कूल में शैक्षणिक समय के दौरान ताले लगे होने और 5 शिक्षकों के नदारद पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और अब यह पूरा मामला जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) तक पहुँचने जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, चिकलोद संकुल के अंतर्गत आने वाले सिमरोदा स्कूल में उस समय हड़कंप की स्थिति बन गई जब विद्यालय में ताले लगे पाए गए और वहां पदस्थ 5 शिक्षक अनुपस्थित मिले। यह मामला सामने आते ही स्थानीय स्तर पर नाराजगी बढ़ी और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे।
संकुल स्तर पर तत्काल हुई कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकलोद संकुल प्रभारी/संकुल प्राचार्य द्वारा संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। नोटिस में स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि संबंधित शिक्षक 3 दिवस के भीतर अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करें।
शिक्षा विभाग की इस त्वरित कार्रवाई के बाद संबंधित शिक्षकों में हलचल मच गई और निर्धारित समय सीमा के भीतर सिमरोदा स्कूल के शिक्षकों ने संकुल प्राचार्य को लिखित पत्र सौंपकर अपना पक्ष रखा।
शिक्षकों ने पत्र में रखा अपना पक्ष
सूत्रों के अनुसार, शिक्षकों ने अपने जवाब में अनुपस्थिति की परिस्थितियों और कारणों का उल्लेख करते हुए विभाग के समक्ष अपनी सफाई प्रस्तुत की है। हालांकि, अब यह तय होगा कि उनका जवाब विभागीय मानकों के अनुसार संतोषजनक माना जाता है या नहीं।
मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, नोटिस और शिक्षकों के जवाब अब जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजे जाने की प्रक्रिया में हैं। इसके बाद उच्च स्तर पर पूरे प्रकरण की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा असर
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब विद्यालय में ताले लगे थे और शिक्षक अनुपस्थित थे, तब विद्यालय आने वाले बच्चों की पढ़ाई का क्या हुआ। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि शासकीय स्कूलों में इस प्रकार की लापरवाही से बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है और अभिभावकों का भरोसा कमजोर पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर निगरानी और जवाबदेही तय नहीं की गई, तो ऐसे मामले भविष्य में भी सामने आते रहेंगे। इसलिए जिम्मेदारों पर कड़ी और उदाहरणात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
जांच के बाद हो सकती है विभागीय कार्रवाई
शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि यदि शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत जवाब असंतोषजनक पाए जाते हैं, तो संबंधितों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। इसमें चेतावनी, प्रतिकूल प्रविष्टि से लेकर अन्य प्रशासनिक कदम भी शामिल हो सकते हैं।
अब इस पूरे मामले में सभी की निगाहें जिला शिक्षा अधिकारी के निर्णय पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि विभाग इस मामले को केवल औपचारिक जवाब तक सीमित रखता है या फिर जमीनी स्तर पर जवाबदेही तय करते हुए सख्त कदम उठाता है!

इनका कहना हैँ

सिमरोदा स्कूल के शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए थे! उनके द्वारा पत्र के माध्यम से जवाब दिए गए हैं!अब रायसेन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को शिक्षकों द्वारा दिए गए जवाब पत्र भेजे जाएंगे! इसके बाद आगे की कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी ही करेंगे!

संतोष दुबे संकुल प्रभारी चिकलोद कला

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