सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
ज़िले की ग़ैरतगंज तहसील के देहगांव थाना अंतर्गत दलित युवक के हत्याकांड की घटना में 19 दिसंबर 2020 को वीर सिंह अहिरवार नामक युवक की खेत पर जाते समय चार सगे भाई रामकेश गूजर , लक्ष्मी नारायण गूजर , गुड्डा गूजर एवं बनिया उर्फ दीवान गुर्जर ने अपने घर के सामने घेरकर कुल्हाड़ी तथा फरसा से हत्या कर दी थी ।
जिसकी रिपोर्ट मृतक के पिता इमरत सिंह अहिरवार द्वारा की गई थी।
पुलिस ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम तथा हत्या का मामला दर्जकर विवेचना में लिया था ।
प्रकरण की विवेचना तत्कालीन बेगमगंज एसडीओपी सुनील कुमार वरकडे द्वारा किए जाने के उपरांत उपरोक्त प्रकरण में चालान विशेष जिला न्यायाधीश अरविंद रघुवंशी के न्यायालय रायसेन में पेश किया था।
विशेष जिला न्यायाधीश अरविंद रघुवंशी ने प्रकरण में मृतक वीरसिंह अहिरवार की ओर से सहायक निदेशक अभियोजन अनिल कुमार मिश्रा एवं विशेष लोक अभियोजक धनीराम विश्वकर्मा द्वारा की गई पैरवी में तर्क एवं दलीलों को सुनने के पश्चात आरोपी चारों सगे भाइयों में रामकेश गूजर 40 वर्ष , लक्ष्मी नारायण गूजर 42 , गुड्डा गूजर 27 एवं बनिया उर्फ दीवान गूजर 35 वर्ष सभी निवासी टीलाकला थाना देवनगर तहसील गैरतगंज को वीर सिंह अहिरवार की हत्या का दोषी पाते हुए ,आजीवन कारावास की सजा एवं ₹500 के अर्थ दंड से दंडित करके जेल भेज दिया ।
प्रकरण में अभियोजन की ओर से पेश किए गए 15 गवाहों एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर विशेष जिला न्यायाधीश श्री रघुवंशी ने 50 पेज का फैसला दिया है ।
घटना के संबंध में अभियोजन पक्ष ने बताया कि दिनांक 19 दिसंबर 2020 को फरियादी इमरत सिंह अहिरवार ने आरक्षि केंद्र देवनगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि सुबह 8 बजे के करीब उसका पुत्र वीर सिंह अहिरवार अपनी मोटरसाइकिल से निकलकर खेत पर जा रहा था। तभी पड़ोस में रहने वाले चारों सगे भाइयों ने उसकी मोटरसाइकिल को अपने घर के सामने रोककर पहले अभद्रता करना शुरू कर दिया और उसके बाद चारों ने उसे पर प्राण घातक हमला करके कुल्हाड़ी तथा फरसा से उसकी हत्या कर दी थी ।