– गैरतगंज में श्रीराम कथा के समापन दिवस पर हुए प्रवचन
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
भगवान की प्राप्ति निष्काम भक्ति से मिलती है। भगवान सिर्फ भाव के भूखे हैं। आप निष्काम भाव से उनसे जुड़ने का प्रयास कीजिए, वे अवश्य मिलेंगे। श्रीराम कथा में ऐंसे अनेक प्रमाण हैं जिनमें निष्काम भक्ति से भक्तों को भगवत प्राप्ति हुई है।

नगर के खेड़ापति माता मंदिर रोड स्थित मानस प्रांगण में चल रही श्रीराम कथा के समापन दिवस की बेला में प्रयागराज उप्र से पधारे मानस कथा प्रवक्ता आचार्य शांतनु महाराज ने प्रवचन देते हुए यह बात कही। समापन दिवस के आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर कथा श्रवण की। कार्यक्रम का आयोजन श्रीरामचरित मानस सांस्कृतिक कल्याण समिति के तत्वावधान में किया गया। समापन दिवस की बेला में कथा व्यास शांतनु महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म के मर्म और भगवत प्राप्ति पर व्याख्या की। आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि श्रीराम कथा संदेश देती है कि हमें अत्याचार अनाचार का विरोध करते हुए धर्म की रक्षा एवं सत्संग से जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने बिना स्वार्थ के भगवान से जुड़ने की बात कहते हुए कहा कि हम सुख में भी भगवान को स्मरण करें। सदैव भगवत आराधना में जुड़ें। निष्काम भाव से प्रभु की आराधना करें।

वर्तमान सैम सामयिक परिस्थितियों की ओर संकेत करते हुए महाराज श्री ने कहा कि सनातन के प्राचीन सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं और संस्कारों की पुनर्स्थापना की तत्काल आवश्यकता है। वहीं हमें शास्त्र और शस्त्र दोनों का प्रयोग भी करना है। हर घर इस भाव को धारण करे। उन्होंने हर घर पर हनुमान जी की शक्ति की प्रतीक भगवा ध्वजा लगाने एवं तुलसी पूजा का आग्रह भी किया। समापन दिवस पर प्रवचन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रभर के श्रद्धालु महिला एवं पुरूष शामिल हुए