देवेंद्र तिवारी साँची
सांची नगर परिषद में अग्निकांड से निपटने के लिए पहले एक फायर ब्रिगेड हुआ करती थी परन्तु लापरवाही के चलते अब यह कबादमे तब्दील हो रही है। नगरपरिषद ने लाखों रुपए खर्च कर दूसरी फायर ब्रिगेड खरीद फरोख्त कर ली गई तथा पहले से मौजूद फायर ब्रिगेड की टंकी खराब होने से उसे भी लाखों रुपए खर्च कर कबाड़ ब्रिगेड बना डाला यह फायर बिग्रेड लापरवाही के चलते भगवान भरोसे छोड़ दी गई जिसपर पक्षियों ने अपना बसेरा बना डाला । स्वच्छता का संदेश देने वाली नगर परिषद परिसर में खड़ी फायर ब्रिगेड स्वच्छता की कलई खोलती दिखाई दे रही है ।
जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में अग्निकांड की बढ़ती संख्या को देखते हुए नगर परिषद ने फायर ब्रिगेड लाखों रुपए खर्च कर ख़रीद फरोख्त की थी क्षेत्र में होने वाली अग्नि कांड को देखते हुए फायर ब्रिगेड भोपाल विदिशा से न मंगवा कर नगर परिषद की फायर से अग्निकांड पर काबू करने की कवायद चलती रही चलते चलते फायर ब्रिगेड के पानी का टैंक लीकेज होने के कारण नप द्वारा न ई फायर ब्रिगेड खरीद फरोख्त का प्रस्ताव पारित कर लाखों रुपए खर्च कर न ई फायर ब्रिगेड खरीद ली गई तथा पूर्व से मौजूद फायर ब्रिगेड में भी लाखों रुपए खर्च कर उसे छोटे रूप में बनाया गया तथा उससे भी अग्निकांड होने पर उपयोग में लाया जाने लगा तब नगर परिषद प्रशासन के पास दो फायर ब्रिगेड की व्यवस्था हो गई बताया जाता है कि इस गर्मी के मौसम में अग्निकांड पर काबू पाने के लिए एक फायर ब्रिगेड थाना परिसर में खड़ी कर दी गई जिससे जब भी ऐसी कोई सूचना आने पर तत्काल पुलिस फायर ब्रिगेड को भेजकर अग्निकांड पर काबू कर सके तथा दूसरी फायर को नगर परिषद ने अपने दफ्तर की शोभा बढाने उसे कार्यालय प्रांगण में ही खड़ा कर रखा तथा उसे उपयोग में न लेने पर वह स्वयं बदहाली के दौर में पहुंच गई तथा इस के ऊपर बृक्षो पर पक्षियों ने अपना बसेरा बना डाला तथा इस फायर पर पक्षियों का मल जम गया तथा लापरवाही का शिकार हो कर रह गई देखरेख के अभाव में बदहाली के दौर में पहुंच गई हालांकि ऐसा भी नहीं है कि कार्यालय में खड़ी फायर पर जिम्मेदारों की नजर न पहुंच पा रही हो बावजूद इसके इसके जर्जर होने का इंतजार शुरू कर दिया ।हद तो तब हो गई जब नगर परिषद करोड़ों रुपए खर्च कर नगर को स्वच्छता का जामा पहनाने की कवायद में जुट गई हालांकि नगर तो पूरी तरह गंदगी की चपेट में जकड़ा हुआ है नगर की स्वच्छता मात्र मुख्य सड़कों तक ही सिमट कर रह गई जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है तथा मच्छरों की भरमार के बीच जीवन यापन गुजारने पर मजबूर होना पड़ रहा है तब यह कार्यालय में बदहाली के दौर में गुजरने वाली छोटी फायर स्वयं स्वच्छता की पोल खोल रही है यहां बैठे अधिकारी कर्मचारियों ने सरकारी राशि बेफिजूल खर्च कर कमीशनखोरी के रास्ते खोज निकाले हैं यही कारण है जब यह विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल की नगर परिषद हमेशा सुर्खियों में बनी रहती है तथा यहां होने वाले कारनामे भी लोगों की जुबान पर रहते हैं इतना सब कुछ होते हुए भी इस स्थल की खेल ख़बर न तो शासन न ही प्रशासन को लेने की सुध ही रही है जो नगर में चर्चित हो चुकी है ।