इंदौर।उच्च पदनाम की मांग को लेकर प्रदेश में आबकारी विभाग में घमासान मचा हुआ है। शनिवार को इंदौर सहित करीब 34 जिलो के आबकारी एसआई (दरोगा), हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल ने इसके विरोध में ऐच्छिक अवकाश ले लिया। इंदौर आबकारी कंट्रोल रूम में तो कोई काम पर ही नहीं आया। जबलपुर, नर्मदापुराम, ग्वालियर और सागर- रीवा डिवीजन के मुख्य जिले के कार्यालय भी खाली रहे।
इंदौर जिले के 18 दरोगाओं ने कोई काम नहीं किया। ऐसा पहली बार हुआ है कि ड्राय डे के अगले दिन शहर में किसी भी तरह की विभागीय कार्रवाई नहीं हो सकी। अवैध शराब की धरपकड़ भी नहीं की गई।
दरोगा बनना चाहता है एडीईओ, कांस्टेबल को हेड कांस्टेबल बनने की चाहत
पूरे विभाग के दरोगा, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल चाहते हैं कि उनकी पोस्ट (पदनाम) बढ़ा दिया जाए। इसमें सरकार को किसी भी तरह का वित्तीय भार नहीं आना है। विभाग के ऐसे ही कुछ कर्मचारियों का कहना है कि हम सालों से इसकी मांग कर रहे हैं। हम जिस पद पर हैं, उसी पर काम करने को तैयार हैं। वहीं, विभागीय सूत्र बताते हैं कि 34 जिलों में एक साथ उठे विरोध के स्वर को लेकर आबकारी कमिश्नर भी उच्च पदनाम की मांग करने वालों के विरोध में नहीं हैं। कमिश्नर ओपी श्रीवास्तव खुद इसकी फाइल लेकर मुख्य सचिव और आबकारी विभाग के मंत्री से मिल चुके हैं। लेकिन निर्णय न होने से मामले ने तूल पकड़ लिया है।