Let’s travel together.

संपत्ति मालिक को कानून में प्राप्त हैं कई अधिकार

0 62

इंदौर। प्रत्येक व्यक्ति को भारतीय संविधान के तहत संपत्ति का अधिकार प्राप्त है। अगर उसकी संपत्ति पर उसकी इच्छा के विरुद्ध कोई कब्जा करता है या कोई दूसरा व्यक्ति संपत्ति को बेचता है या नकली दस्तावेज तैयार कर उस संपत्ति को बेचने का प्रयास करता है तो ऐसे संपत्ति मालिक को कानून में कई अधिकार प्राप्त हैं।

एडवोकेट शिवम सोनी ने बताया कि भारतीय दंड संहिता में धारा 420 में यह प्रविधान है कि किसी व्यक्ति की संपत्ति को कोई धोखाधड़ी से प्राप्त कर लेता है या कब्जा कर लेता है तो ऐसे पीड़ित व्यक्ति को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने का वैधानिक अधिकार प्राप्त है। वह पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराकर आरोपित के विरुद्ध कार्रवाई कर सकता है। कई बार यह भी देखने में आता है कि किसी की संपत्ति को अपनी बताकर कोई व्यक्ति बेच देता है अर्थात अमानत में खयानत करता है तो धारा 406 के तहत आरोपित के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाई जा सकती है।

अमानत में खयानत का मतलब यह होता है कि आपने किसी व्यक्ति को संपत्ति उपयोग करने के लिए दी और उस व्यक्ति ने संपत्ति को अपना बताकर उसकी अफरा-तफरी कर दी। कई बार यह भी देखने में आता है कि संपत्ति के मालिक को यह पता ही नहीं होता कि उसकी संपत्ति के नकली दस्तावेज तैयार करवाकर उसकी संपत्ति बाजार में बेच दी गई है। उसे बाद में पता चलता है कि मेरी संपत्ति के नकली दस्तावेज बनाकर उसे धोखाधड़ी करते हुए बेच दिया गया है।

ऐसी स्थिति में भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471 के तहत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराकर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। भारतीय दंड संहिता में किसी की संपत्ति को धोखाधड़ी से प्राप्त करने को गंभीर अपराध माना गया है। यहां तक कि नकली दस्तावेज पर संपत्ति का विक्रय करना या संपत्ति अपने नाम करने पर आजीवन कारावासतक का प्रविधान है।
इन धाराओं में दर्ज केस की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्तर के न्यायालय द्वारा की जाती है। इन प्रकरणों में जिला एवं सत्र न्यायालयों में सुनवाई की वजह से शीघ्र सुनवाई संभव हो जाती है। एक ओर आपराधिक विधि में उपरोक्त सभी प्रविधान शामिल हैं, लेकिन सिविल प्रक्रिया संहिता में भी पीड़ित व्यक्ति अपनी संपत्ति का कब्जा प्राप्त करने के लिए सिविल न्यायालयों में वाद प्रस्तुत कर सकता है। सिविल प्रक्रिया संहिता में भी संशोधन करके प्रकरण को शीघ्र निपटाने के लिए तीन वर्ष की समयावधि नियत की गई है। वह समय गया जब न्यायालयों में कई-कई दशक तक प्रकरण चला करते थे।
Leave A Reply

Your email address will not be published.

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बनखेड़ी पहुंचकर स्वर्गीय श्रीमती गोहल को अर्पित की श्रद्धांजलि     |     गुंदरई स्कूल की दीवारों और पिलर में दरारें, बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल     |     केन्द्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने ब्रिक्स बाजार में की शिरकत     |     राज्यसभा सदस्य महेश केवट एवं राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य बारेलाल अहिरवार का भाजपा जिला कार्यालय में हुआ  स्वागत      |     नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन, 66 प्रकरणों का हुआ निराकरण, 2.65 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का हुआ निपटारा     |     बेगमगंज की बर्बाद सड़क के खिलाफ अधिवक्ता संघ ने दिया ज्ञापन ,जनहित में कलेक्टर से 15 दिन में मरम्मत की मांग     |     नेशनल लोक अदालत में निपटे अनेक प्रकरण     |     कीटनाशक पीने से 62 वर्षीय महिला की मौत, घर में मचा हड़कंप     |     सुल्तानगंज के गोरखी में शराबबंदी को लेकर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम      |     बेगमगंज में बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811