नरेन्द्र मोदी भगवान राम की मूर्ति को स्पर्श करेंगे तो मैं क्या वहां ताली बजाऊंगा- स्वामी निश्चलानंद सरस्वती
रतलाम। अयोध्या में भगवान राम की मूर्ति स्थापना, प्राण-प्रतिष्ठा में शास्त्र सम्मत परंपरा का पालन होना चाहिए। सबके पूर्वज सनातनी वैदिक आर्य हिंदू ही थे। राजनेता तो दांव खेलते रहते हैं। वर्तमान प्रधानमंत्री कूटनीति में माहिर हैं। उनमें इतना दम तो है कि वे अपने को सनातनी, धार्मिक, हिंदू साबित करने में लगे हैं, शास्त्र सम्मत हो जाएं तो सोने पर सुहागा हो जाएगा।