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पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने की ज्योतिरादित्य की तारीफ, हीरा बताया

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– उमा भारती ने ज्योतिरादित्य को बताया हीरा

– विधानसभा चुनाव से पहले ज्योतिरादित्य की तारीफ के राजनीतिक मायने लगना शुरू

रंजीत गुप्ता शिवपुरी

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने ज्योतिरादित्य की तारीफ की है। ज्योतिरादित्य की तारीफ करते हुए उमा भारती ने कहा है कि कांग्रेस ने अपना हीरा गंवा दिया है यह हीरा हमारे पास आ गया है। सुश्री उमा भारती ने कहा कि कांग्रेस के पास हीरा था लेकिन कांग्रेस ने इस हीरे को गंवा दिया। उमा भारती ने कहा कि मप्र में ज्योतिरादित्य ने कांग्रेस की सरकार बनाई थी और कांग्रेस की सरकार गिराई और यह हीरा हमारे पास आ गया है और हमारी सरकार बना दी है।
सुश्री उमा भारती ने यह बात शिवपुरी में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। वृंदावन जाने के दौरान सुश्री उमा भारती कुछ समय के लिए शिवपुरी में रूकी। शिवपुरी सर्किट हाउस में उमा भारती से पत्रकारों ने बात की। इस बातचीत के दौरान उमा भारती से मध्यप्रदेश में कांग्रेस की क्या स्थिति रहेगी, यह पूछा गया था। इसी संदर्भ में बोलते हुए उन्होंने ज्योतिरादित्य को हीरा बता दिया। उमा भारती ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ पर भी निशाना साधा। मप्र में आगामी विधानसभा चुनाव किसके नेतृत्व में लड़ा जाएगा इसको लेकर सुश्री उमा भारती ने कहा कि हमारी पार्टी में नेतृत्व कार्यकर्ता करता है। हमारी पार्टी में झंडे और कार्यकर्ता का महत्व है। उन्होंने कहा कि मोदी जी और अमित शाह जी भी एक कार्यकर्ता हैं। पार्टी में कार्यकर्ता मेहनत करता है उसी के दम पर सरकार बनती है।

मोदी जी की तुलना में मिलियन वर्ष दूर है विपक्ष

पूरे देश में विपक्ष की एकजुटता पर तंज कसते हुए सुश्री उमा भारती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह विपक्ष मिलियन वर्ष दूर है। उन्होंने कहा कि क्या ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, राहुल गांधी का नेतृत्व देश स्वीकार करेगा। यह अभी मोदी जी से मिलियन वर्ष दूर खड़े हुए हैं। मोदी जी का यह मुकाबला नहीं कर पाएंगे।

घास और वनस्पति से एडजस्ट नहीं कर पा रहे चीते-

मप्र के कूनो अभ्यारण में चीतों की मौत को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा कि यहां की घास और वनस्पति से चीते एडजस्ट नहीं हो पा रहे हैं। उन्हें साउथ अफ्रीका जैसा मौसम और वनस्पति यहां पर नहीं मिल पा रही है। चीते इमोशनल प्राणी होता है इसलिए जरा सा तनाव हो तो वह डिप्रेशन में चले जाते हैं। फिर भी यहां पर एक प्रयोग किया गया है और हमारा प्रयास है कि जितने चीते बचे हैं वह प्रयोग सफल रहे।

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