-आरोपियो पर की कड़ी कार्रवाही की मांग, जुलुस में महिलाए भी हुई शामिल,मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट देवेश पाण्डेय सिलवानी रायसेन
कर्नाटक के बेलगावी जिले के अंतर्गत नंदी पर्वत स्थित जैन तीर्थ पर विराजमान आचार्य कामनंदी मुनि महाराज की निर्मम हत्या के विरोध में अखण्ड दिगंबर जैन समाज सिलवानी ने एक बड़ी जन आक्रोश रैली निकाली। रैली पारसनाथ जिनालय से शुरू हो कर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई तहसील कार्यालय पहुंची। यहां पर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन साैंपा गया। शुक्रवार को दोपहर के समय बड़ी संख्या में जैन समाज के महिलाए व पुरुष एकत्रित होकर काली पटटी बांध कर मौन जुलुस के रुप में
धर्म ध्वजा लहलहाते हुए तहसील कार्यालय पहुचें तथा एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में समाज ने जैन संतों के साथ आए दिन हो रही घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच करवाकर आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिए जाने की मांग की है। इसके साथ जैन संतो की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।

ज्ञापन के माध्यम से जैन समाज के लोगों ने मुनिराज की हत्या की साजिश का पूरा खुलासा जल्द से जल्द करने, मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने, जैन संतों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, जैन धर्म तीर्थ सुरक्षा हेतु जैन संरक्षण बोर्ड की स्थापना करने, घटना पर कर्नाटक के डीजीपी पुलिस या पुलिस अधीक्षक के द्वारा वीडियो संदेष जारी करने, जैन ट्रस्ट द्वारा आरोपियो को 6 लाख रुपए उधार देने के स्थान पर जैन मुनि द्वारा रुपए उधार देने की गलत व झूठी न्यूज बंद हो सहित अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया। जैन समाज ने बताया कि आचार्य कामकुमार नंदी महाराज की हत्या के दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया हैए लेकिन यह विचारणीय हैए 5 जुलाई रात्रि 10 बजे अचानक महाराज को पहले आरोपियो ने करंट लगाया, कई जगह वार किए, अत्यंत क्रूरता से उन्हें जान से मारा, वीडियो भी बनाया तथा उनके शरीर के कई टुकड़े कर 600 फुट गहरे बोरवेल में फेंक दिया। दोनों आरोपियों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तथा उनके बारे में उन्होंने थाने में ये सब बताया। जैन धर्म के एक साधु जो की पूरी तरह निर्दोष थे।उनके साथ इतना दुर्दांत घटना को अंजाम देने वाले क्रूर अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। ताकि भविष्य में कोई ऐसा दुष्कृत्य न कर सकें।
ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री भारत सरकार,ग्र्रहमंत्री, मुख्यमंत्री कर्नाटक तथा महामहिम राज्य पाल मप्र को भी प्रेषित की गई हैं।