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दोबारा लौट आया साड़ी का फैशन महिलाओँ को दे रही रायल लुक

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जबलपुर। साड़ी एक ऐसा परिधान है, जिसे त्यौहार में, शादी में, घर पर, पार्टी में, यहां तक की आफिस में भी कैरी किया जा सकता है। परंपरागत परिधानों में साड़ी महिलाओं की खूबसूरती को अधिक बढ़ाती है। साड़ी की कई वैरायटी हैं, हालांकि आउट आफ फैशन होने के कारण महिलाओं की खूबसूरत साड़ियां सालों से अलमारी में रखी हुई हैं, लेकिन अब साड़ी का फैशन दोबारा लौट आया है। साड़ी पहनने से महिलाओं में ग्रेसफुल और रायल लुक आता है। भीड़भाड़ में भी साड़ी पहनी महिला हटकर नजर आती है। आजकल साड़ियों में एक से बढ़कर डिजाइंस देखने को मिल रहे हैं। जिससको पहनने से महिलाओं की खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं। इन दिनों मार्केट में सिल्क, काटन, जार्जेट, आर्गेन्जा, ओम्ब्रे, फ्लावर प्रिंट, लहरी साड़ियां चलन में फिर से आ गई हैं।

आउट आफ फैशन हो गई थी साड़ियां

जबलपुर की गढ़ा निवासी वंदना कहा कहना है कि पिछले कुछ समय में सूट, वनपीस का चलन ज्यादा बढ़ गया है। महिलाएं किसी भी फंक्शन आदि में इन्हें ही पहनना पसंद करती थी। लेकिन एक बार फिर से साड़ियां फैशन में आ गइ है। किसी भी शादी फंक्शन, आफिस या कहीं और जाना हो महिलाओं की पहली पसंद साड़ी बन गई है। एक बार फिर से भारतीय महिलाएं अपने परंपरागत परिधान में नजर आने लगी है। इन दिनों सिल्क की साड़ियां फैशन में आ गई है। इसमें प्योर सिल्क, बनारसी सिल्क आदि शामिल हैं। सिल्क की साड़ियों में एक से बढ़कर एक डिजाइन देखने को मिल रहे हैं। महिलाएं इन नए डिजाइन की साड़ियों को पहनना पसंद भी कर रही हैं।

सदाबहार है सिल्क साड़ी

जबलपुर की संजीवनी नगर निवासी लीना बताती है,कि वैसे तो काटन साड़ी की फैशन कई जमाने से चलता आ रहा है लेकिन सिल्क की साड़ियां भी बहुत चलन में आ गई है। विवाह आदि समारोह में भी साड़ियां अलग ही लुक देती है। यह दिखने में स्टाइलिश और क्लासी लगते हैं। साड़ी पहनने में जितनी एलिगेंट दिखती हैं, शरीर को वो उतना ही कंफर्ट देती है। सिल्क साड़ी की खासियत है, कि कहीं भी आसानी से कैरी किया जा सकता है। आफिस में सिल्क साड़ी कार्पोरेट लुक देती है। सिल्क साड़ी को फेस्टिवल और फंक्शन्स में भी पहन सकती हैं। सिल्क साड़ी का ट्रेंड ऐसा है, जो कभी भी खत्म नहीं हो सकता। इसे किसी भी फंक्शन में आसानी से कैरी किया जा सकता है। बनारसी साड़ी की खासियत है कि ये हर तरह की बाडी टाइप पर अच्छी लगती है। लेकिन बनारसी साड़ी पहनने के सलीके से लुक को अधिक आकर्षण बनाया जा सकता है।

शिफान साड़ी है पसंद

जबलपुर की यादव कालोनी निवासी प्रीति ने कहा कि मेरी पूरी अलमारी साड़ियों से भरी है। लेकिन कुछ समय पहले साड़ियां पहनने का चलन कम हो गया था, लेकिन हर कोई महिला साड़ी में ही नजर आने लगी हैं। साड़ी हम भारतीय महिलाओं का पहनावा है। इसमें महिलाओं के खूबसूरती को चार चांद लग जाते हैं। ये बात अलग है कि महिलाएं अपने कंफर्ट के हिसाब से सूट पहनना ज्यादा पसंद करती हैं। साड़ियां तो सदाबहार हैं। ट्रेडिशनल ओकेशंस के साथ अन्य स्पेशल ओकेशंस के लिए यह परफेक्ट हैं। मुझे लहरिया और फ्लावर प्रिंट साड़ियां ज्यादा पसंद है। लेकिन फंक्शन के लिए सिल्क की साड़ियां पहनना पसंद करती हूं। इन साड़ियों में अलग ही लुक होता है। सिल्क साड़ियों के साथ हेयर स्टाइल बहुत इंपार्टेट है।

साड़ियों की विभिन्न वैरायटी उपलब्ध

जबलपुर में महिलाओं के बाजार गंजीपुरा स्थित साड़ी दुकानदार आकाश जैन ने बताया कि हमारी दुकान में बारह महीने महिलाओं के लिए साड़ियां उपलब्ध हैं। विवाह के मौसम में सिल्क साड़ियों की खास डिमांड है। हर वर्ग के ग्राहकों के हिसाब से वैरायटी उपलब्ध है। सिल्क के साथ ही काटन, जार्जेट, शिफान के साथ डिजाइनर साड़ियां भी उपलब्ध हैं। इन दिनों शादी-विवाह का समय चल रहा है, ऐसे में सिल्क की साड़ियों की डिमांड ज्यादा है। आम दिनों में जार्जेट, शिफान साड़ियां ज्यादा पसंद की जाती हैं। डिजाइनर साड़ियों की भी एक से एक वैरायटी उपलब्ध हैं।

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