देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल
केबल कार (रोप-वे) का आमतौर पर प्रयोग पहाड़ी इलाकों में आवागमन सुगम बनाने के लिए किया जाता है। रोपवे को भारत के पर्वतीय प्रदेशों में आने वाले समय का नया ट्रांसपोर्ट सिस्टम बनाने के दिशा मे कार्य चल रहा है। पर्वतमाला प्रोजेक्ट के प्रमुख रूट पर रोपवे बनने से हर घंटे मे लगभग आठ हजार यात्री सफर करते हैं। भारत में पिछले वर्ष झारखंड के देवघर स्थित त्रिकूट रोपवे हादसे से पहले, रोपवे को लेकर इतना बड़ा हादसा कभी नहीं हुआ था। इसे ध्यान मे रखते हुए आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन योजना के तहत एनडीआरएफ के द्वारा देश भर मे केबल कार (रोप-वे) आपात स्थिति पर ज़िला प्रशासन के साथ लगातार संयुक्त मॉक अभ्यास किया जा रहा हैं।

इसी कड़ी में मनोज कुमार शर्मा, उप महानिरीक्षक, 11 एनडीआरएफ वाराणसी के दिशा-निर्देशन मे एवं रवि सिंह, सहायक कमांडेंट की देखरेख में कन्वेयर रोपवे सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल, जिला-भोपाल में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एसडीआरएफ, होमगार्ड, पुलिस, चिकित्सा विभाग, अग्निशमन विभाग और कन्वेयर रोपवे सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के साथ संयुक्त रूप से केबल कार आपात स्थिति पर 11 एनडीआरएफ की प्रशिक्षित एवं अनुभवी टीम द्वारा एक मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। मॉक एक्सरसाइज के दौरान, केबल कार इमरजेंसी पर एक परिदृश्य चित्रित किया गया, जिसमें मानुआभान टेकरी के कन्वेयर रोपवे सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल, जिला-भोपाल के दो केबल कारें जमीन से 35 फीट लगभग की ऊंचाई पर रस्सी से टकरा गई हैं और ये दो करें किसी तकनीकी समस्या के कारण रोपवे पर नहीं जा सकीं और कारों के अंदर यात्री फंस गए। तदनुसार, ईओसी को घटना के बारे में सूचित किया गया, उन्होंने आगे एनडीआरएफ नियंत्रण कक्ष और सभी संबंधित हितधारकों को आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए सूचित किया। घटना स्थल पर पहुंचने पर, एनडीआरएफ की टीम ने प्रारंभिक मूल्यांकन किया और साथ ही ऑपरेशन के बेस, कमांड पोस्ट, मेडिकल पोस्ट और संचार पोस्ट की स्थापना की और आकलन के बाद, टीम ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और सभी फंसे हुए पीड़ितों को विभिन्न रस्सी बचाव व अन्य तकनीक के माध्यम से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मेडिकल एजेंसियों द्वारा प्राथमिक उपचार देने के बाद सभी पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया गया। इस पूरे अभ्यास के दौरान इंसिडेंट रिस्पोंस सिस्टम (IRS) के दिशा-निर्देशों पर जोर दिया गया और इसका पालन किया गया।

इस मॉक अभ्यास को हरेंद्र नारायण एडीएम जिला-भोपाल की उपस्थिति में आयोजित किया गया। इसके साथ ही डीडीएमए, राम कुमार शर्मा ज़िला कामंडैंट एसडीईआरएफ, स्वास्थ्य, पुलिस, अस्पताल के कर्मचारी, रोपवे सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी, आगंतुक एवं मीडियाकर्मों ने भाग लिया। मॉक एक्सरसाइज का उद्देश्य सभी हितधारकों के बीच समन्वय बनाना, उपचारात्मक उपाय करना, संसाधनों की दक्षता की जांच करना और प्रतिकूल स्थिति में बचाव कार्यवाही को परखना था, जिससे किसी भी केबल कार रोपवे दुर्घटना में त्वरित कार्यवाही करते हुए मानव जीवन को बचाया जा सके। एनडीआरएफ बचावकर्ताओं द्वारा प्रदर्शित पेशेवर कौशल की जिला प्रशासन सतना एवं सीहोर द्वारा अत्यधिक सराहना की गई।