गुना से अरविंद गौड़ की रिपोर्ट
वरिष्ठ पत्रकार और दैनिक जागरण के पूर्व संपादक रमेश शर्मा ने पत्रकारों को आव्हान करते हुए कहा है कि हमें विदेशी षडयंत्रों से सावधान रहना चाहिए और यही बात अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को बताना चाहिए । ताकि देश और समाज सुरक्षित रहे । महर्षि नारद जी आद्य पत्रकार थे । उनके जीवन से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है । श्री शर्मा देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर शनिवार को होटल में प्रेमश्री में आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह एवं विचार प्रवाह को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे । श्री शर्मा को मीडिया कर्मियों ने ध्यान से सुना ।

सम्मान समारोह का आयोजन स्व श्री नाथूलाल मंत्री जनकल्याण न्यास गुना ने आयोजित किया था । कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यास के सचिव अनिल श्रीवास्तव ने की । विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर सतीष चतुर्वेदी मंच पर मौजूद रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जिले भर से प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडियाकर्मी मौजूद थे । सभी पत्रकारों का अतिथियों के द्वारा सम्मान किया गया । मंच का संचालन गोपाल स्वर्णकार कर रहे थे । जबकि अतिथियों का परिचय रवीन्द्र रघुवंशी ने दिया । न्यास के सचिव ने बताया कि हर साल अब नारद जयंती समारोह का आयोजन किया जाएगा । कार्यक्रम का आरंभ सरस्वती शिशु मंदिर के भैया बहनों ने सरस्वती वंदना के साथ किया । विचार प्रवाह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री शर्मा ने नारदजी के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला । इस दौरान उन्होंने कई उदाहरण देते हुए समझाया कि किस तरह हम नारदजी के जीवन चरित्र से सीख लेते हुए एक आदर्श समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं । उनके उदाहरणों में सामाजिक , धार्मिक और वैज्ञानिक तत्व शामिल थे । लगभग 45 मिनिट के दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा, कि हमारी एक विचारधारा हो सकती है पर विरोधी से भी हमारे संबंध अच्छे होने चाहिए । महर्षि नारदजी के संबध सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में थे । एक पत्रकार के रिश्ते भी व्यापक होने चाहिए । ऐसे ही जो पत्रकार ठहर गया वह आगे नहीं बढ़ सकता । इसलिये मीडियाकर्मी को गतिमान रहना जरूरी है । अपने उद्बोधन में श्री रमेश शर्मा ने पत्रकारों को उपयोगी टिप्स भी दिए जिनका उपयोग करने से लेखनी की धार तेज की जा सकती है ।