रिपोर्ट धीरज जॉनसन दमोह
दमोह शहर में वर्तमान बस स्टैंड को स्थानांतरित कर जबलपुर – सागर बाईपास पर ले जाने की योजना प्रारंभ की गई है। इसके लिए पिछले माह 1 अप्रैल को विधिवत बस स्टैंड का भूमि पूजन भी किया जा चुका है। लेकिन वर्तमान के बस स्टैंड पर अपना कारोबार कर परिवार का भरण पोषण करने वाले दुकानदारों के लिए विस्थापन की कोई भी योजना नहीं बनाई गई।
इस संबंध में जिला कांग्रेस परिवहन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रजु यशोधरन ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर यहां के दुकानदारों को नवीन बस स्टैंड पर विस्थापित किए जाने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान बस स्टैंड पर लगभग 300 से अधिक दुकानदार छोटे से लेकर बड़े व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण पोषण विगत 25 से लेकर 80 वर्षों तक से करते चले आ रहे हैं। बस स्टैंड पर ही नगर पालिका द्वारा लगभग 100 दुकाने 40 वर्ष पूर्व निर्माण कर निविदा के माध्यम से विक्रय की गई थी। जिस कारण से इन दुकानों में भी व्यवसाई अपना व्यवसाय बस के आने-जाने एवं बसों के संचालन के माध्यम से ही करते हुए अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। वर्तमान में नवीन बस स्टैंड के प्रस्तावित किए जाने से यहां के लगभग 300 से अधिक परिवारों के सामने रोजी-रोटी का सवाल खड़ा होने लगा है क्योंकि इन सभी परिवारों के पास बस स्टैंड पर आने जाने वाली बस के माध्यम से ही अपने परिवार के भरण-पोषण किए जाने का माध्यम है। शासन की नीति के अनुसार किसी भी स्थान पर यदि कोई नवीन कार्य स्वीकृत होता है तो पुराने स्थान के दुकानदारों को विस्थापित किए जाने का भी प्रावधान है। इसके तहत यहां के दुकानदारों को भी विस्थापित किए जाने की योजना निर्धारित की जावे।
प्रजु यशोधरन ने बताया कि प्रस्तावित नवीन बस स्टैंड पर निर्मित हो रही दुकानों के लिए वर्तमान बस स्टैंड के दुकानदारों को लागत मूल्य पर ही प्रदान किए जाने का नियम लागू किया जाए जिससे वर्तमान बस स्टैंड के दुकानदार नवीन बस स्टैंड पर लागत मूल्य का भुगतान कर अपना व्यवसाय प्रारंभ कर सकें।जैसा की जानकारी प्राप्त हो रही है कि नवीन प्रस्तावित बस स्टैंड पर एक दुकान की कीमत 25 लाख से लेकर 40 लाख रुपए तक एजेंसी द्वारा वसूली जा रही है जबकि इस संबंध में अभी तक किसी भी प्रकार की कोई विज्ञापन का प्रकाशन नहीं किया गया है, जिससे की आम नागरिकों को भी इन दुकानों के विक्रय की जानकारी प्राप्त हो सके।
