अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले विपक्षी दलों को एकजुट करने का सबसे ज्यादा प्रयास बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कर रहे हैं। पिछले दिनों दिल्ली का दौरा करने के बाद नीतीश बाबू अब यूपी और बंगाल जा रहे हैं।
नीतीश चले यूपी-बंगाल
नीतीश कुमार कोलकाता जाकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से चर्चा करेंगे। वहीं लखनऊ में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव से भी मिलेंगे। अखिलेश और ममता प्रमुख विपक्षी दल हैं, कांग्रेस के रवैये के कारण आगे नहीं आ रहे हैं।
नीतीश कुमार के साथ आरजेडी नेता और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह भी होंगे। नीतीश कुमार पटना से रवाना होंगे और कोलकाता पहुंचकर करीब 2 बजे ममता बनर्जी से मिलेंगे। यहां से तीनों लखनऊ की फ्लाइट पकड़ेंगे।
ममता-अखिलेश को मनाना मुश्किल काम
कहा जा रहा है कि ममता बनर्जी और अखिलेश यादव को राजी करना नीतीश कुमार के लिए थोड़ा मुश्किल होगा, क्योंकि कांग्रेस पार्टी के साथ उनके पिछले संबंध हैं। दोनों नेताओं के कांग्रेस से अच्छे संंबंध नहीं रहे हैं। खासतौर पर राहुल गांधी का नेतृत्व स्वीकार करने को लेकर तैयार नहीं हैं।
अखिलेश यादव ने कहा था कि सपा कांग्रेस और भाजपा दोनों से समान दूरी बनाए रखेगी, टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय का बयान था कि कांग्रेस और भाजपा, दोनों से दूरी बनाए रखते हुए तृणमूल कांग्रेस अपना रास्ता बनाएगी।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.