इंदौर व पीथमपुर में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय बीआइएस मापदंड के फुटवियर तैयार होंगे। फिर यहां से बने फुटवियर दक्षिण अफ्रीका व उत्तरी अमेरिका में निर्यात किए जाएंगे। गौरतलब है कि अभी इंदौर में तैयार होने वाले फुटवियर का बाजार देश के विभिन्न शहरों में ही है, लेकिन पीथमपुर में बनने वाले फुटवियर क्लस्टर के उद्योगों के विकास के बाद यहां बनने वाले जूते अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचे जा सकेंगे। इसके लिए इंदौर फुटवियर एसोसिएशन व मप्र औद्योगिक विकास निगम (एमपीआइडीसी) ने विशेष तैयारी की है। पीथमपुर सेक्टर सात में एमपीआइडीसी द्वारा 100 एकड़ जमीन पर फुटवियर क्लस्टर बनाने की तैयारी है।
फुटवियर उद्योगों के लिए नई सुविधाएं विकसित होंगी
इसमें करीब 100 फुटवियर निर्माता उद्योगों को जगह मिलेगी। यहां वृहद स्तर पर फुटवियर निर्माण के साथ फुटवियर उद्योगों के लिए नई सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। अभी जूते व चप्पल के निर्माण के दौरान उसका सोल जिस केमिकल से तैयार किया जाता है, वो चीन से मंगवाया बुलवाना पड़ता है। इसके अलावा दिल्ली में कुछ उद्योगों के द्वारा केमिकल तैयार कर इंदौर के उद्योगों को भेजा जाता है।
इंदौर का प्रोडक्ट सस्ता बनेगा
ऐसे में अब पीथमपुर सेक्टर सात के फुटवियर क्लस्टर में पीयू केमिकल तैयार करने वाला केमिकल प्लांट भी तैयार किया जाएगा। इस प्लांट की क्षमता 500 टन प्रतिमाह होगी। इस प्लांट के बनने का फायदा यह होगा कि पीयू केमिकल के लिए इंदौर के फुटवियर उद्योगों की बाहरी कंपनियों पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। इसके अलावा दूसरे शहरों से केमिकल इंदौर लाने का ट्रांसपोर्ट खर्च भी बचेगा। इससे इंदौर का प्रोडक्ट सस्ता बन सकेगा।
कच्चे माल से लेकर उत्पाद तक परखी जाएगी
गुणवत्ता फुटवियर क्लस्टर में कामन फेसिलटी सेंटर बनाया जाएगा। इसमें टेस्टिंग सेंटर भी तैयार होगा। इस सेंटर में फुटवियर के कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक की जांच सुविधा उपलब्ध होगी। ऐसे में यहां पर बनने वाले फुटवियर अंतराष्ट्रीय मापदंडों पर तैयार हो सकेंगे। यहां फुटवियर डिजाइन व डेवलमेंट इंस्टि्टयूट भी बनेगा, जिसमें अंतराष्ट्रीय स्तर के फुटवियर के डिजाइन व डेवलमेंट का काम होगा।
पीथमपुर के सेक्टर 7 में फुटवियर क्लस्टर के लिए 100 एकड़ जमीन पर 100 उद्योग निवेश करेंगे। क्लस्टर में सुविधाएं बेहतर होने से इंदौर के फुटवियर अंतराष्ट्रीय मापदंड के तैयार होंगे। इनका निर्यात अमेरिका व अफ्रीका तक किया जाएगा। क्लस्टर में उद्योगों के निवेश से चार से पांच हजार रोजगार विकसित होंगे। वहीं मौजूदा दो हजार करोड़ सालाना का कारोबार चार से पांच हजार करोड़ रुपये तक पहुंचेगा। – गिरीश पंजाबी, अध्यक्ष, इंदौर फुटवियर एसोसिएशन
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.