मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
जून माह की शुरुआत के साथ ही दीवानगंज क्षेत्र में जल संकट गहराने लगा है। क्षेत्र की अधिकांश ग्राम पंचायतों में घर-घर पेयजल आपूर्ति सीधे ट्यूबवेलों के माध्यम से की जाती है, लेकिन लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण कई गांवों में पानी की उपलब्धता प्रभावित होने लगी है। मई और जून के दौरान जलस्तर नीचे चले जाने से ग्रामीणों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे चिंता बढ़ गई है।
कुछ दिन पूर्व ग्राम अंबाडी में ग्रामीणों ने पंचायत भवन पहुंचकर जल संकट को लेकर नाराजगी जताई थी। ग्रामीणों का कहना था कि गर्मी बढ़ने के साथ पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है और कई मोहल्लों में पानी की समस्या उत्पन्न हो रही है। ग्रामीणों ने पंचायत से तत्काल समाधान की मांग की थी।
ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए अंबाडी पंचायत की सरपंच कुंती रमेश कुमार अहिरवार ने पहल करते हुए पंचायत क्षेत्र के चार बोरों की साफ-सफाई और रखरखाव का कार्य शुरू कराया है। पंचायत द्वारा बोरों में जमा गाद और अन्य अवरोधों को हटाकर जलस्तर को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से संचालित हो सके।
सरपंच ने बताया कि गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ जाती है और जलस्तर में गिरावट आने से आपूर्ति प्रभावित होती है। इसी को देखते हुए समय रहते बोरों की सफाई कराई जा रही है, जिससे अधिक से अधिक पानी उपलब्ध हो सके और ग्रामीणों को राहत मिल सके।
क्षेत्र के ग्रामीणों ने पंचायत की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे पेयजल संकट में कुछ हद तक राहत मिलेगी। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए वर्षा जल संरक्षण, जल संरचनाओं का पुनर्जीवन और भूजल संवर्धन जैसे उपायों पर भी गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।
ग्रामीणों की मांग है कि क्षेत्र की अन्य पंचायतें भी समय रहते जल स्रोतों के रखरखाव और संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाएं, ताकि आगामी दिनों में जल संकट और अधिक गंभीर न हो।