भोपाल। प्रदेश भर के जिला अस्पतालों की सफाई, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं में सुधार आने की उम्मीद है। मई से यह कार्य प्रबंधकों को सौंपा जा रहा है। लोक सेवा आयोग ने 48 सहायक प्रबंधकों की चयन सूची पिछले माह जारी की है। अब स्वास्थ्य संचालनालय ने पदस्थापना के लिए इनसे 16 अप्रैल तक विकल्प मांगे हैं। इनके कार्यभार ग्रहण के बाद एक सप्ताह का प्रशिक्षण देकर इन्हें पदस्थ किया जाएगा। अभी यह काम संबंधित जिला अस्पतालों के अधीक्षक ही कर रहे थे जो मूल रूप से डाक्टर होते हैं।
कार्य की अधिकता की वजह से वह इन सब कार्यों पर पूरा ध्यान नहीं दे पा रहे थे। बैठक आदि कारणों से अस्पताल का नियमित राउंड भी नहीं ले पाते थे। इस कारण अस्पताल प्रबंधकों की नियुक्ति की गई है। सभी 51 जिला अस्पतालों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी, पर इसमें 48 का चयन ही हो पाया है।
बाकी अस्पतालों के लिए अगले चरण में भर्ती की जाएगी। लगभग तीन वर्ष से जिला अस्पतालों में प्रबंधकीय कार्यों के लिए प्रबंधक नियुक्त करने पर विचार चल रहा था। पिछले वर्ष अलग से संवर्ग बनाने के साथ ही भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई। इनके पदस्थ होने से अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता, भीड़ प्रबंधन, रोगियों द्वारा की गई शिकायतों पर सुनवाई, बायो मेडिकल वेस्ट का निपटान आदि कार्य भी बेहतर तरीके से हो सकेंगे।
अन्य अस्पतालों के लिए 40 गुणवत्ता प्रबंधक नियुक्त किए गए
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया के जिला अस्पतालों में जिस तरह से प्रबंधक काम करेंगे उसी प्रकार जिले के अन्य अस्पतालों के लिए हर जिले में एक गुणवत्ता प्रबंध पदस्थ किया गया है। अब तक 40 गुणवत्ता प्रबंधक पदस्थ किए जा चुके हैं। इन्हें सबसे बड़ी जिम्मेदारी अस्पतालों को कायाकल्प और नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) के लिए तैयार करना है। यह दोनों प्रमाण पत्र तीन चरण के मूल्यांकन के बाद भारत सरकार द्वारा दिए जाते हैं।
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