जगदलपुर। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा गांधी जगदलपुर के लालबाग मैदान पहुंचीं। प्रियंका वाड्रा गांधी भरोसे का सम्मेलन को संबोधित कर रही ही है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वे बचपन से ही बस्तर को पहचानती है। छत्तीसगढ़ सबसे बढ़िया.. इस नारे में सबकुछ है। छत्तीसगढ़ का मान सम्मान है। आज बस्तर की पहचान पूरे देश में नहीं बल्कि विदेश में भी है। पूरे देश में मिलेट्स ने पहचान बनाई है। मेरी दादी इंदिरा गांधी मानती थी कि सबसे बढ़िया संस्कृति आदिवासी की संस्कृति है।
भरोसे के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा मैं यहां पहली बार आई हूं आप मुझे नहीं जानते हैं।आप इसलिए आए हैं क्योंकि आपका मेरे परिवार पर भरोसा है। आप इसलिए आए हैं क्योंकि नेहरू जी और इंदिरा गांधी जी के दिल में आपको लेकर विशेष सम्मान था। यहां की कहानियों, आपकी संस्कृति, आपके संघर्ष के बारे में मैं सबकुछ जानती हूं। मेरे घर के सदस्यों ने आपकी संस्कृति, संघर्षों और चुनौतियों को जाना।सार्वजनिक जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीज भरोसा होता है। यहां जब मैं आई तो एक बहन ने मेरे लिए सुबह से आइसक्रीम बना कर रखी थी, लेकिन जब मैं वहां पहुंची तो मुझसे कहा कि आपको अभी मंच से बोलना है इसलिए आप ठंडी आइसक्रीम मत खाइए… ये एक बहन का भरोसा है, एक पल में मेरा उनसे रिश्ता बन गया।
एक जगह की पहचान तीन चीजों से होती है। संस्कृति का सम्मान, लोगों का मान और सरकार द्वारा जनता का सम्मान। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एक समय यहां लोगों को आने में डर लगता था। आज यही बस्तर एक ब्रांड बन गया है । सरकार की मदद के साथ आपकी आमदनी बढ़ रही है। प्रकृति का सम्मान करने के लिए मेरी दादी इंदिरा गांधी आप आदिवासी भाई बहनों का बहुत सम्मान करती थीं।
इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भरोसे का सम्मेलन को संबोधित किया। जहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने सम्बोधन में कहा कि बस्तर के बाहर के लोग यहां आने से डरते थे। नक्सलियों की दहशत से कोई छत्तीसगढ़ नहीं आता था। हमारे घर वालों की नींद हराम रहती थी, जब तक हम घर नहीं लौटते थे, वो चिंतित रहते थे। नक्सली और पुलिस दोनों की गोलियां चलती थी, लेकिन सीना हमारे निर्दोष आदिवासियों का छलनी होता था।
यहां पर आदिवासियों की जमीनें छीन ली गयी थी। देश में पहला उदाहरण था, जब हमने लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की जमीनें वापस कराने का काम किया। विकास के रास्ते पर हम चल रहे हैं, बस्तर आगे बढ़ रहा है। योजनाओं का लाभ लोग ले रहे हैं। शिक्षा के माध्यम से फिर से बस्तर को आगे बढ़ाने का काम चल रहा है। इंदिरा गांधी आई थी, उन्होंने आदिवासियो को पट्टा दिया था। राहुल गांधी ने आदिवासियों का पट्टा वापस दिलाया है।
इससे पहले प्रियंका गांधी दोपहर करीब दो बजे जगदलपुर पहुंचीं। यहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, महिला प्रदेश अध्यक्ष फूलाे देवी नेताम सहित तमाम दिग्गज नेताओं ने प्रियंका गांधी का जोरदार स्वागत किया। इसके बाद प्रियंका जगदलपुर के दंतेश्वरी मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने दंतेश्वरी माता की पूजा-अर्चना की। इसके बाद प्रियंका सम्मेलन में बस्तर में हो रहे विकास कार्य को लेकर लगाई गई प्रदर्शनी स्थल पहुंचीं। इस दौरान प्रदर्शन स्थल में मौजूद महिलाओं से चर्चा की।
भरोसे के सम्मेलन में शामिल होने पूरे बस्तर संभाग से लोगों का आना जारी है। सम्मेलन स्थल में अधिकांश जगह भर चुकी है। वाहनों की पार्किंग आधा किलोमीटर दूर करने की व्यवस्था की गई है। कड़ी जांच के बाद लोगों को सम्मेलन स्थल में अंदर जाने दिया जा रहा है। सम्मेलन स्थल लालबाग मैदान की ओर आने वाले सभी मार्गो भारी भीड़ है।
प्रियंका देखेंगी नक्सलवाद को हराकर शांति की राह पर चल रहे बस्तर की तस्वीर
प्रदर्शनी में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद बीते चार साल में बस्तर के विकास को तस्वीरों और माडल के माध्यम से दिखाया गया है। संभाग के सातों जिले सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर ने अपने-अपने क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को फोकस किया है। सुकमा, बीजापुर व दंतेवाड़ा जिलों में डेढ़ दशक तक नक्सल भय से बंद रहे लगभग 250 स्कूल अब खुल चुके हैं। इसे माडल और पोस्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। स्कूलों को दोबारा किस तरह प्रारंभ किया, इसकी चरणबद्ध प्रक्रिया बताई गई है।
15 साल से बंद स्कूलों को दोबारा खोलने में मिली सफलता की कहानी सुनाएंगे
इसी तरह नक्सल प्रभावित क्षेत्र में अंदरुनी क्षेत्रों तक सुरक्षा बलों के कैंप खोलने, सड़कों, पुलों का जाल बिछाने, बस्तर के हस्तशिल्पियों को बाजार उपलब्ध कराते हुए अधिकाधिक लोगों को रोजगार से जोड़ने, मिलेट की खेती को बढ़ावा देने, बस्तर काफी, पपीता, चाय की खेती सहित विभिन्न क्षेत्रों में मिल रही सफलता को प्रमुखता से बताया गया है। साथ ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदर्शित की गई है।
प्रियंका को दिखाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगाई गई विकास कार्यों की प्रदर्शनी में अधिकारी-कर्मचारी हर सवालों का जवाब देने के लिए उपस्थित रहेंगे। प्रदर्शनी भरोसे का सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण होगी। प्रदर्शनी में एक ऐसा भी स्टाल लगाया गया है, जहां बीते 68 सालों में नेहरू-गांधी परिवार के सदस्यों के बस्तर प्रवास से जुड़ी तस्वीरों का प्रदर्शन किया गया है।
चुनावी अभियान का शुभारंभ
इस साल विधानसभा चुनाव होना है। बीते चार साल में यह अब तक का बस्तर में सबसे बड़ा सम्मेलन है। इसे कांग्रेस के चुनावी अभियान का शुभारंभ माना जा रहा है। सम्मेलन को भव्य बनाने सरकार ने पूरी ताकत लगा दी है। एक लाख से अधिक भीड़ आने की संभावना जताई गई है।
LIVE: भरोसे का सम्मेलन, जगदलपुर (बस्तर) #PriyankaAtBharosaSammelan https://t.co/uf0lSmI8OC
— INC Chhattisgarh (@INCChhattisgarh) April 13, 2023
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