ग्वालियर। ग्वालियर में क्राइम ब्रांच की स्थापना होने के बाद पहली बार क्राइम ब्रांच का दफ्तर एसपी आफिस से शिफ्ट किया जा रहा है। क्राइम ब्रांच के दफ्तर को सिरोल थाने की ऊपरी मंजिल पर शिफ्ट करने की तैयारी है। यहां सामान भेजना भी शुरू कर दिया गया है। इसके पीछे की वजह जब पूछी गई तो अधिकारियों का कहना है- यहां हवालात नहीं है, पूछताछ के लिए अलग से कमरा नहीं है, इसलिए यह कवायद की जा रही है। लेकिन सवाल यह है कि शहर के अंदर के ही किसी थाने को क्यों नहीं चुना गया। इसे लेकर तमाम सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
15 साल पहले हुई थी ब्रांच की शुरुआत
करीब 15 साल पहले ग्वालियर में क्राइम ब्रांच की शुरुआत हुई थी। क्राइम ब्रांच जब से शुरू हुई है, तभी से क्राइम ब्रांच थाना एसपी आफिस में संचालित हो रहा है। क्राइम ब्रांच का दफ्तर एसपी आफिस में रखने के पीछे तत्कालीन अधिकारियों का उद्देश्य था- क्राइम ब्रांच की सीधी मानीटरिंग जिले के एसपी द्वारा की जाती है। क्राइम ब्रांच कई मामलों में सीधे एसपी को ही रिपोर्ट करती है। अब इसे शिफ्ट करने की शुरुआत हो गई है। इसके लिए सिरोल थाने को चुना गया है। सिरोल थाने की दूसरी मंजिल पर अब क्राइम ब्रांच थाना संचालित होगा। क्राइम ब्रांच को सिरोल थाने की तैयारी तो हो गई है, लेकिन इसे लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हवालात न होने, इंटेरोगेशन रूम न होने की वजह से इसे शिफ्ट कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि क्राइम ब्रांच जब भी किसी मामले में संदेहियों को पकड़ती है तो इसे गोपनीय रखने के लिए हमेशा दूसरे थाने ही ले जाती है। इसके अलावा शहर में पड़ाव, बहोड़ापुर, हजीरा थाना भी विकल्प के रूप में हो सकते थे, जो शहर के अंदर हैं।
अधिकारी बोले- एसपी आफिस वाले दफ्तर में होगा सायबर सेल का आफिस
इस मामले में अधिकारियों का कहना है- एसपी आफिस में क्राइम ब्रांच का जो दफ्तर है, उसमें सायबर सेल का आफिस बनाया जाएगा। सायबर अपराध बढ़ रहे हैं, इसलिए अलग से आफिस की जरूरत है। अब सवाल यह है, जब वहां क्राइम ब्रांच शिफ्ट की जा रही है तो सायबर सेल का आफिस शिफ्ट क्यों नहीं हो रहा।
थाने को किया जा रहा है शिफ्ट
आधी क्राइम ब्रांच सिरोल थाने में शिफ्ट की जा रही है। क्योंकि अभी हवालात, इंट्रोगेशन रूम नहीं है। शहर के थानों में जगह नहीं है, इसलिए सिरोल थाने का चयन किया है। एसपी आफिस स्थित दफ्तर में सायबर क्राइम की विवेचना करने वाली टीम बैठेगी।
राजेश दंडोतिया, एएसपी
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.