-40 गांवों के श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद, देर रात तक और तरह भंडारा
– मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड की ग्राम पंचायत सरार अंतर्गत आने वाले बरजोरपुर गांव के खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में पिछले सात दिनों से चल रही श्रीमद् भागवत कथा एवं श्रीराम महायज्ञ का पूर्ण आहुति के साथ भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन कथा व्यास श्रीजी कि राधे द्वारा सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता, भक्ति और समर्पण का संदेश बड़े ही रोचक एवं मार्मिक तरीके से सुनाया गया।
कथा वाचन ने सातवें दिन कृष्ण के अलग-अलग लीलाओं का वर्णन किया और कहा कि मां देवकी के कहने पर छह पुत्रों को वापस लाकर मा देवकी को वापस देना सुभद्रा हरण का आख्यान कहना एवं सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कथा वाचक श्रीजी कि राधे ने बताया कि मित्रता कैसे निभाई जाए यह भगवान श्री कृष्ण सुदामा जी से समझ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र (सखा) से सुदामा मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे। उन्होंने कहा कि सुदामा द्वारिकाधीश के महल का पता पूछा और महल की ओर बढ़ने लगे द्वार पर द्वारपालों ने सुदामा को भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। तब उन्होंने कहा कि वह कृष्ण के मित्र हैं। इस पर द्वारपाल महल में गए और प्रभु से कहा कि कोई उनसे मिलने आया है।अपना नाम सुदामा बता रहा है। जैसे ही द्वारपाल के मुंह से उन्होंने सुदामा का नाम सुना प्रभु सुदामा सुदामा कहते हुए तेजी से द्वार की तरफ भागे सामने सुदामा सखा को देखकर उन्होंने उसे अपने सीने से लगा लिया। सुदामा ने भी कन्हैया कन्हैया कहकर उन्हें गले लगाया और सुदामा को अपने महल में ले गए ओर उनका अभिनंदन किया। इस दृश्य को देखकर श्रोता भाव विभोर हो गए

वहीं पूर्णाहुति के साथ महायज्ञ का समापन वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के बीच संपन्न हुआ। यज्ञ में क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी वर्षा की कामना की गई। समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा, नरखेड़ा, जमुनिया, निनोद, बरजोरपुर, सरार, कयामपुर , संग्रामपुर, मुस्काबाद, करैया, गिदगढ़, सत्ती, बांसिया, हिनोतिया, भंवर खेड़ी,बालमपुर, देहरी, छोला, चांद पिपरिया, प्रेमपुरा, अनंतपुरा, दहीडा, मनारा, काली टोर ,पिपरई, टपरा,सहित आसपास के 40 से अधिक गांवों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण किया।
पूरे गांव में धार्मिक माहौल बना रहा और मंदिर परिसर भक्तिमय भजनों व जयकारों से गूंज उठा। आयोजन समिति एवं ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं के स्वागत और भोजन व्यवस्था में बढ़-चढ़कर सहयोग किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर क्षेत्र के लोगों ने आयोजन समिति की सराहना की। वही भंडारा देर रात तक होता रहा।