Let’s travel together.

भारतीय रेल शुरू करने जा रहा OTP आधारित सर्विस, इन में होगा बदलाव

94

रेलवे की पार्सल सुविधा काफी पुराने है। भारी तादाद में सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन कभी -कभी आपको सामानों की चोरी की खबरें सुनाई देती है।

ऐसे स्थिति में भारतीय रेलवे ने एक नए समाधान को लाने की ओर इशारा किया है। आइये इसके बारे में जानते हैं।

डिजिटल लॉकिंग सिस्टम

एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि रेलवे की माल और पार्सल ट्रेनों में चोरी को रोकने के लिए जल्द ही OTP आधारित डिजिटल लॉकिंग सिस्टम पेश किया जाएगा। यह प्रणाली आमतौर पर ट्रकों में उपयोग की जाती है, जहां एक स्मार्ट लॉक की जरूरत होती है। ये स्मार्ट लॉक जीपीएस सक्षम होता है, जिससे चोरी होने की स्थिति में वाहन की लाइव ट्रैकिंग की की जा सकती है।

OTP आधारित होगा लॉकिंग सिस्टम

अधिकारियों ने बताया कि यह सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित OTP पर आधारित होगा, जिसका इस्तेमाल खुली और बंद दोनों तरह की गाड़ियों के लिए किया जाएगा। यात्रा के दौरान सामान को पाने आसान नहीं होगा। यह एक ओटीपी के माध्यम से खोला जाएगा। बता दे कि अभी केवल ट्रेनों को सील किया जाता है और हर स्टेशन पर यह सुनिश्चित किया जाता है कि सील टूटी ना हो। इस नए सिस्टम से कई समस्याएं दूर हो जाएंगी।

रेलवे कर्मी को देना होगा OTP

बताया गया कि स्टेशन पर एक रेलवे कर्मी को ओटीपी देना होगा कि ताकि सिस्टम सुचारू रूप से चले और लोडिंग या अनलोडिंग आसानी से हो सके। प्रक्रिया के बारे में बताते हुए अधिकारी ने बताया कि जब  लॉक लग जाता है तो संबंधित कर्मियों के मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाता है। गंतव्य पर पहुंचने के बाद ड्राइवर को लॉक में बटन दबाकर लोकेशन की पुष्टि करनी होती है। कर्मियों के ओटीपी को वेरिफाई किया जाता है और लॉक अनलॉक करने के लिए ड्राइवर के मोबाइल नंबर पर एक और ओटीपी भेजा जाता है।

ट्रेन की होगी ट्रैकिंग

बता दें कि ट्रेन को ट्रैक भी किया जाएगा और लोकेशन रिकॉर्ड की जाएगी। दरवाजे से छेड़छाड़ या टक्कर होने की स्थिति में अधिकारी के मोबाइल नंबर पर अलर्ट संदेश भेजा जाएगा।

2022 में सामान चोरी के 6492 मामले दर्ज

आरपीएफ ने 2022 में रेलवे संपत्ति की चोरी के 6492 मामले दर्ज किए। ‘ऑपरेशन रेल सुरक्षा’ के तहत 11268 अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ 7.37 करोड़ रुपये की चोरी की रेलवे संपत्ति की वसूली की गई। अधिकारियों ने कहा कि कम से कम तीन रेलवे जोन सक्रिय रूप से उन कंपनियों की पहचान करने के लिए काम कर रहे हैं, जो रेलवे को लागत प्रभावी तरीके से यह सेवा दे सकें।

 

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

जलभराव, सड़कें बनीं तालाब,जिला मुख्यालय सहित कई शहर प्रभावित     |     अमानक घी के विक्रय को रोकने के विभिन्न ब्रांडों के नमूने लेकर जांच हेतु भेजे      |     विश्व आदिवासी दिवस पर उमड़ा आदिवासी समाज जल-जंगल-जमीन की रक्षा और एकता का दिया संदेश     |     विजय ट्रांसमिशन में युवक की मौत ,ग्रामीणों का फूटा आक्रोश     |     आज का त्याग, कल की धर्म विरासत बने : मुनि श्री     |     भाग्योदय तीर्थ में वर्षायोग चातुर्मास कलश स्थापना सम्पन्न     |     ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली कावड़ यात्रा, गौरी शंकर धाम में हुआ समापन     |     साझा पहल: सड़क किनारे कदम-कदम पर कदंब लगाने का संकल्प, एसोसिएशन ने मशीन भेंट करने का लिया निर्णय     |     हर घर तिरंगा’ अभियान: विधायक देवेंद्र जैन ने विभिन्न ग्रामों का किया सघन भ्रमण, बांटे तिरंगे और सुनीं जनसमस्याएं     |     भाजपा की वृहद जिला कार्यसमिति बैठक में गूंजा राष्ट्रहित का संकल्प     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811