– कलेक्टर कार्यालय पर आकर लगाई गुहार मुझे दिया जाए मुआवजा
– नसबंदी ऑपरेशन के एक साल बाद पैदा हुआ बच्चा
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के शेरगुडा गांव में रहने वाली एक महिला ने नसबंदी फेल होने पर कलेक्टर से मुआवजा मांगा है। महिला अपनी नसबंदी फेल होने के बाद मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय पर पहुंच गई और जहां पर जनसुनवाई में आवेदन देकर कलेक्टर से मुआवजे की मांग की। महिला का कहना है कि नसबंदी फेल हो जाने के बाद उसके यहां पर चौथा बच्चा पैदा हो गया अब उसे मुआवजा दिया जाए क्योंकि वह अपना चौथा बच्चा पालने में असमर्थ है। महिला का कहना है कि नसबंदी फेल होने से उसके यहां पर चौथा बच्चा पैदा हुआ है और वह अपने चौथे बच्चे की परवरिश करने में असमर्थ है इसलिए मुआवजे दिया जाए। वहीं दूसरी ओर जिला अस्पताल में पदस्थ परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ रोहित भदकारिया ने बताया कि नसबंदी ऑपरेशन फेल होने की स्थिति में शासन द्वारा मुआवजे का प्रावधान है। योजना के तहत 30 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है.लेकिन इसके लिए नसबंदी फेल होने की सूचना 90 दिन के अंदर स्वास्थ्य विभाग को दी जानी चाहिए।
महिला बोली- तीन बच्चे होने पर कराया था ऑपरेशन–
शिवपुरी के कलेक्टर कार्यालय पर जनसुनवाई में आई महिला गुड्डी पत्नी राजू जाटव ने बताया कि उसके यहां 3 बच्चे थे इनकी परवरिश ठीक तरीके से हो, इसलिए गुड्डी ने 2021 में ही परिवार नियोजन यानी फैमिली प्लानिंग योजना के तहत शिवपुरी जिला अस्पताल में ऑपरेशन कराया था लेकिन ऑपरेशन के एक साल बाद ही गुड्डी फिर से मां बन गईं.अब गुड्डी की इच्छा है कि उसे सरकार से मुआवजा मिले, ताकि वह अपने चौथे बच्चे की ठीक से परवरिश कर सके।
महिला ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग दे मुआवजा-
गुड्डी जाटव ने बताया कि नसबंदी फेल होने की जानकारी उसने स्वास्थ्य विभाग को दी और नियम अनुसार मुआवजे की मांग की लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। कई दिनों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रही है। महिला ने कहा कि चौथे बच्चे की परवरिश के लिए मुआवजे की मांग है। मंगलवार को उसने जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर से मुआवजे की गुहार लगाई है। जनसुनवाई में आवेदन आने के बाद अब कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई में बैठे अधिकारियों ने उसका आवेदन सीएमएचओ को भेज दिया है।