देवेंद्र तिवारी सांची रायसेन
एक तरफ शासन प्रशासन स्वच्छता मिशन पर लाखों करोड़ों खर्च कर स्वच्छ बनाने जुटा हुआ है परन्तु सांची जनपद पंचायत कार्यालय चारों ओर से गंदगी की चपेट में जकडा दिखाई देता है अधिकारी बेखबर बने हुए हैं ।
जानकारी के अनुसार शासन प्रशासन देश प्रदेश में स्वच्छता अभियान के माध्यम से शहर कस्बे गांव को स्वच्छ बनाने की कवायद में जुटा हुआ है तथा स्वच्छता अभियान को सफल बनाने तथा स्वच्छता अभियान के माध्यम से जागरूक अभियान भी समय समय पर चलाया जाता है परन्तु विभागीय अधिकारी शासन की योजनाओं को पलीता लगाने में पीछे नहीं दिखाई देते इसका जीता जागता उदाहरण सांची जनपद पंचायत जो 82 ग्राम पंचायतों में शासन प्रशासन की जनहित कारी योजनाओं सहित स्वच्छता अभियान चलाने का दंभ भरने में पीछे नहीं हैं उसी जप कार्यालय परिसर चारों ओर से गंदगी की चपेट में जकडा हुआ दिखाई देता है तब आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि तब 82 ग्राम पंचायतों में कैसे शासन की योजनाएं जमीनी स्तर पर सफल हो पाती होगी यही कारण बनता है जब जनहित कारी योजना अधर में लटक कर रह जाती है तब प्रशासन व शासन में शिकायतों के अंबार लगने लगते हैं तथा इन 82 पंचायतो का बोझ उठाने वाली जनपद पंचायत कार्यालय स्वयं गंदगी की चपेट में जकडा हो तब पंचायतों में योजनाओं की धज्जियां आसानी से उड़ जाती है बसस्टेंड पहुंच मार्ग पर झाड़ पेड़ तथा कार्यालय परिसर में गिरे सूखे पत्तों को सड़क किनारे फैककर तथा कार्यालय के चारों ओर गंदगी के ढेर लगे दिखाई दे जाते हैं इस गंदगी की साफसफाई की ओर यहां बैठे जिम्मेदार बेखबर बनकर स्वच्छता का मखौल उड़ाते हैं दिख रहे हैं ऐसा नहीं है कि कार्यालय का भीतरी भाग इससे अछूता हो जिससे न केवल इस स्थल की छवि दागदार हो रही है बल्कि शासन के स्वच्छता अभियान की भी धज्जियां उड़ रही है हालांकि इस जप कार्यालय में आये दिन विभिन्न योजनाओं को लागू करने तथा ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिवों सहित अनेक विभागीय अधिकारी कर्मचारियों की बैठक आयोजित की जाती रहती है जिसमें जिले के वरिष्ठ अधिकारियों का भी आना जाना लगा रहता है इन सबसे बेखबर सम्बन्धित बन चुके हैं ।