– जमुनिया के पहाड़ पर कई दिनों से दर्द से तड़प रहा था मवेशी, ग्रामीणों ने रस्सी खोलकर शुरू किया उपचार
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले जमुनिया के पहाड़ पर एक मवेशी के मुंह पर रस्सी बांधने के कारण गहरा घाव हो गया। घाव इतना गंभीर हो गया कि मवेशी के मुंह से कई दिनों से लगातार खून बह रहा था और घाव में कीड़े भी पड़ गए थे। मवेशी की इस हालत की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने उसे पकड़कर उसके मुंह पर बंधी रस्सी खोली और उपचार शुरू किया।
जानकारी के अनुसार, मवेशी के मुंह पर लंबे समय तक रस्सी बंधे रहने के कारण वहां गहरा घाव बन गया था। समय पर उपचार नहीं मिलने से घाव में कीड़े पड़ गए और खून बहने लगा। मवेशी की स्थिति देखकर ग्रामीणों ने उसे पकड़ने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद मवेशी को पकड़ा गया और उसके मुंह से रस्सी खोली गई। इसके बाद गौसेवकों और ग्रामीणों ने मिलकर उसके घाव का इलाज किया।
समय पर देखभाल नहीं मिलने से बिगड़ी हालत
मवेशी के मुंह पर बने गहरे घाव और उसमें पड़े कीड़ों से उसकी तकलीफ का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस घटना ने बेजुबान पशुओं की देखभाल और उनके प्रति संवेदनशीलता की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। पशुओं के मुंह या शरीर पर रस्सी बांधते समय सावधानी बरतना जरूरी है, ताकि रस्सी के दबाव से घाव न बने। पशु के घायल होने पर तत्काल उपचार कराया जाना चाहिए, जिससे उसकी तकलीफ बढ़ने से रोकी जा सके।