सुशासन की सरकार में सरकारी कार्यालयों की ही बिजली गुल, पंचायतों में कामकाज ठप, ग्रामीण परेशान- वर्मा
सुरेंद्र जैन धरसीवां
प्रदेश में सुशासन का दावा करने वाली सरकार के राज में ही शासकीय कार्यालयों की बिजली काटे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। प्रदेश की अनेक ग्राम पंचायतों, तहसील कार्यालयों सहित कई शासकीय कार्यालयों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से प्रशासनिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी धरसीवा के अध्यक्ष आशीष वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है।उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, विभिन्न शासकीय योजनाओं के आवेदन, निर्माण कार्यों के अभिलेख सहित अधिकांश जनहितकारी कार्य आज ऑनलाइन और बिजली पर निर्भर हैं। बिजली गुल होने से सरपंच, सचिव और पंचायत प्रतिनिधि तो परेशान हैं ही, साथ ही अपने जरूरी काम लेकर पंचायत पहुंचने वाले ग्रामीणों को भी मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
श्री वर्मा ने कहा कि यह विडंबना है कि एक तरफ सरकार सुशासन और विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ उसके ही सरकारी दफ्तरों में अंधेरा छाया हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब पंचायतों में ही मूलभूत सुविधा नहीं होगी तो वे ग्रामीणों को समय पर सेवा कैसे उपलब्ध कराएंगी।
तत्काल बहाल हो बिजली, स्थायी समाधान निकले
श्री वर्मा ने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लिया जाए। यदि बिजली बिलों के बकाया भुगतान के कारण कनेक्शन काटे जा रहे हैं तो वित्तीय व्यवस्था और भुगतान प्रक्रिया की समीक्षा कर स्थायी समाधान निकाला जाए। सभी प्रभावित कार्यालयों में तुरंत बिजली आपूर्ति बहाल की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा सुशासन केवल दावों और नारों से नहीं, धरातल पर सुविधाएं उपलब्ध कराने से साबित होता है। जनहित के मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।