सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
मध्यप्रदेश सहायक पटवारी संगठन ने प्रदेश में कार्यरत स्थानीय युवा सर्वेयरों की विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र निराकरण की मांग की है। संगठन का कहना है कि प्रदेशभर में करीब 90 हजार स्थानीय युवा सर्वेयर राजस्व विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सर्वे एवं गिरदावरी सहित अन्य कार्यों में योगदान दे रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
ज्ञापन में संगठन ने कहा कि पूर्व सीजन में कार्य कर चुके अनुभवी एवं प्रशिक्षित युवाओं को केवल सीजन परिवर्तन के आधार पर कार्य से अलग किया जाना उचित नहीं है। बार-बार नए युवाओं का चयन, सत्यापन एवं प्रशिक्षण कराने से प्रशासनिक एवं वित्तीय भार बढ़ने के साथ समय और संसाधनों की भी अनावश्यक खपत होती है। संगठन ने आरोप लगाया कि अनुभवहीन लोगों से कार्य कराने पर डिजिटल सर्वेक्षण में त्रुटियों की संभावना बढ़ सकती है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव किसानों, फसल रिकॉर्ड एवं राजस्व अभिलेखों पर पड़ सकता है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं की आजीविका भी इस कार्य से जुड़ी हुई है। ऐसे में उन्हें नियमित एवं स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से स्थानीय युवाओं को मौसम के अनुसार सुरक्षा किट उपलब्ध कराने, 29 अप्रैल 2026 के आदेश को निरस्त करने, स्थानीय युवाओं को सहायक पटवारी का दर्जा देने, सर्वेयरों को स्थायी एवं नियमित रोजगार देने तथा लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान करने की मांग की गई है। इसके अलावा उज्जैन जिले की झारडा तहसील में गिरदावरी कार्य के दौरान दिवंगत स्थानीय युवा सर्वेयर स्व. मुकेश कुमार अमलदिया के परिवार को उचित आर्थिक सहायता एवं आवश्यक सहयोग देने की मांग भी रखी गई। खरीफ सीजन में जीपीएस लोकेशन की दूरी 10 मीटर से बढ़ाकर 100 मीटर किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं होने पर स्थानीय युवा सर्वेयर आंदोलन की राह अपना सकते हैं।