हर 15 मिनट में बंद होता है मुस्काबाद रेलवे फाटक, कभी-कभी एक घंटे तक इंतजार करते हैं ग्रामीण
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड की ग्राम पंचायत अंबाडी के अंतर्गत मुस्काबाद रेलवे फाटक पर करीब 50 लाख रुपए की लागत से बन रहा रेलवे ओवरब्रिज तीन साल बाद भी अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और ठेकेदार द्वारा दोनों ओर मिट्टी डालकर काम छोड़ दिए जाने से बारिश के मौसम में ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। कीचड़ में रोजाना कई वाहन फंस रहे हैं, जिन्हें लोगों की मदद से धक्का देकर बाहर निकालना पड़ रहा है।
मुस्काबाद रेलवे फाटक से प्रतिदिन मुस्काबाद, सत्ती, बसिया, भंवरखेड़ी, हिनोतिया, मुनारा, पिपरई, टपरा, कालीटोर, भारतीपुर, शाहपुर, भगवंत कॉलोनी और बेसर कॉलोनी सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे फाटक हर 15 मिनट में बंद हो जाता है। कई बार ट्रेनों की आवाजाही के कारण फाटक एक घंटे तक नहीं खुलता, जिससे लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
मिट्टी और कीचड़ ने बढ़ाई मुसीबत
ओवरब्रिज निर्माण के लिए रेलवे फाटक के दोनों ओर मिट्टी डालकर छोड़ दी गई है। बारिश के दौरान यही मिट्टी दलदल में बदल जाती है। दोपहिया वाहन चालक और कार सवार रोजाना कीचड़ में फंस रहे हैं। कई बार वाहन निकालने के लिए राहगीरों और ग्रामीणों को धक्का लगाना पड़ता है। स्कूल वैन और अन्य यात्री वाहन भी बारिश के दौरान फंसने से बच्चों और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि फाटक बंद होने से सबसे गंभीर स्थिति उस समय बनती है, जब किसी बीमार मरीज या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना होता है। लंबे समय तक रास्ता बंद रहने से आपातकालीन स्थिति में लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
यह रेलवे लाइन कई राज्यों को जोड़ती है, जिसके कारण ट्रेनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है और फाटक बार-बार बंद होता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ओवरब्रिज का निर्माण समय पर पूरा हो जाता तो हजारों लोगों को रोजाना की इस परेशानी से राहत मिल सकती थी।
तीन साल बाद भी निर्माण अधूरा
मुस्काबाद निवासी जैद खान, नजीर खान, बलराम विश्वकर्मा, महेंद्र विश्वकर्मा और मान सिंह अहिरवार ने बताया कि रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य करीब तीन साल से चल रहा है, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि निर्माण की यही रफ्तार रही तो इसे पूरा होने में दो से तीन साल और लग सकते हैं। ग्रामीणों ने रेलवे विभाग से निर्माण कार्य में तेजी लाने और बारिश के दौरान दोनों तरफ तत्काल पक्का वैकल्पिक रास्ता बनाने की मांग की है।

जैद खान, स्थानीय निवासी मुस्काबाद ने बताया कि रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुए तीन साल से अधिक समय हो गया है, लेकिन काम अभी तक अधूरा है। रोजाना कई गांवों के ग्रामीण घंटों फाटक पर खड़े रहते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बीमार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में होती है।
कुंती रमेश कुमार अहिरवार, सरपंच अंबाडी ने बताया कि रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण जल्द पूरा होना चाहिए। बारिश के दौरान फाटक के दोनों ओर कीचड़ होने से ग्रामीणों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।