कोटा से तानपुर तक 13 गांवों में फसलों का जायजा, किसानों को दी कीट-रोग नियंत्रण की तकनीकी सलाह
– कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग का संयुक्त दल सक्रिय, दवाओं के सुरक्षित उपयोग की भी दी हिदायत
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
जिले में लगातार हुई अतिवृष्टि के बाद फसलों की स्थिति का आकलन करने के लिए कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के संयुक्त दल ने खेतों का भ्रमण किया। दल ने सोयाबीन में पीला मोजेक और विभिन्न कीटों के प्रकोप को देखते हुए किसानों को बचाव की तकनीकी सलाह दी।
संयुक्त दल ने ग्राम कोटा, भागोरा, करई, रायचंदखेड़ी, सिरसौद, राजा की मुढेरी, सेमरी, गुगुरीपुरा, जसराजपुर, रामखेड़ी, रतौर, पिपरसमा और तानपुर सहित कई गांवों में टमाटर, सोयाबीन, धान, मूंगफली, उड़द और तिल की फसलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में सोयाबीन, मूंगफली और तिल की फसल सामान्य पाई गई, जबकि उड़द में पीला रोग और टमाटर में जैविक-अजैविक समस्याएं देखी गईं।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि फफूंद जनित रोगों के लिए फ्लुक्सापायरोक्साड + पायरोक्लोस्ट्रोबिन 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर का छिड़काव करें। पत्ती और फली खाने वाली इल्लियों के लिए क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 150 मिली प्रति हेक्टेयर और चक्र भृंग के लिए थायक्लोप्रिड 750 मिली प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें। उड़द-मूंग में पीला चितकबरा रोग के लिए इमिडाक्लोप्रिड 0.4 मिली प्रति लीटर पानी का स्प्रे करने की सलाह दी गई है। मक्का में फॉल आर्मीवर्म के लिए इमामेक्टिन बेंजोएट और टमाटर में रस चूसक कीटों के लिए पीला स्टिकी ट्रैप लगाने को कहा गया है।
दल में उप संचालक कृषि मुनेश कुमार शाक्य, केवीके प्रमुख डॉ. पुनीत कुमार सहित अन्य वैज्ञानिक शामिल रहे। विभाग ने किसानों से दवा छिड़काव के दौरान मास्क, दस्ताने और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने की अपील की है।