रायसेन जेल से फरारी की साजिश का खुलासा, जेल के अंदर पहुंचाया गया था हथियार
पूछताछ में सामने आई पूरी साजिश
रायसेन। जिला जेल रायसेन में प्रहरी पर फायरिंग कर फरार होने की कोशिश के मामले में पुलिस ने पूछताछ के बाद बड़ी साजिश का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, जेल में बंद आरोपी निलेश उर्फ छोटेल ने जेल से भागने की योजना बनाई थी और इसके लिए बाहर से हथियार जेल के अंदर पहुंचाया गया था। घटना के बाद पुलिस ने मामले में शामिल आरोपियों की भूमिका का खुलासा किया है।
पुलिस के अनुसार, निलेश उर्फ छोटेल करीब 11 माह से हत्या के मामले में जिला जेल रायसेन में बंद था। जेल में उसकी पहचान राहुल बेदी से हुई। पूछताछ में सामने आया कि दोनों ने मिलकर जेल से फरार होने की योजना बनाई। इसके बाद जेल के बाहर मौजूद लोगों के माध्यम से हथियार जेल के अंदर पहुंचाने की साजिश रची गई।
पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त 2026 को योजना के तहत जेल के बाहर से एक पैकेट निर्धारित स्थान पर अंदर पहुंचाया गया। निलेश ने पैकेट हासिल कर उसे जेल परिसर में छिपा दिया और फरार होने के अवसर का इंतजार करने लगा।
2 सितंबर को भागने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, 2 सितंबर 2026 को जेल अधीक्षक के छुट्टी पर होने की जानकारी मिलने के बाद निलेश ने फरार होने का प्रयास किया। वह फल खाने का बहाना बनाकर जेल के मुख्य द्वार के पास पहुंचा और ड्यूटी पर तैनात प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर से ताला खोलने को कहा।
इसी दौरान आरोपी और प्रहरी के बीच झूमाझटकी हुई। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान फायरिंग हुई, जिसमें प्रहरी घायल हो गया। आवाज सुनकर जेल का अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचा और आरोपी को पकड़ लिया। घटना की पुष्टि करते हुए मीडिया रिपोर्टों में भी जेल प्रहरी पर फायरिंग और आरोपी के फरार होने के प्रयास का उल्लेख किया गया है।
तीन आरोपी जेल में, एक फरार
पुलिस के अनुसार मामले में निलेश उर्फ छोटेल पिता निर्भय सिंह, राहुल बेदी पिता रतनसिंह बेदी और शुभम बेदी पिता भंवरलाल बेदी को आरोपी बनाया गया है। तीनों वर्तमान में जेल में निरुद्ध हैं।
वहीं नीलेश ठाकुर का मामा सुपियार सिंह, निवासी ग्राम किबली, थाना बरेली को फरार आरोपी बताया गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पूरे मामले ने जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल के भीतर हथियार पहुंचाने की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।