..शिकारियों पर वन विभाग की कृपा पात्र कार्यवाही से उठ रहे सवाल.?
विजय सिंह राठौर,रायसेन
वन परिक्षेत्र पश्चिम रायसेन सामान्य वन परिक्षेत्र खरबई वृत्त की बीट सीहोरा इमलिया में संरक्षित दुर्लभ प्राणी सांभर के शिकार की सूचना के बाद वन स्टॉफ द्वारा कुल चार आरोपी बन्ने खां आ0 धन्नू खां मेवाती निवासी इमलिया, यूसुप पिता यासीन खां मेवाती निवासी इमलिया, राकेश पिता हरि सिंह बंजारा निवासी छातई, विशाल पिता हरिनारायण जाटव निवासी सीहोरा के पास से प्रथम दृष्टया में वन्यप्राणी सांभर का फ्रिज में रखा कच्चा मांस 06 किलो, पका हुआ मांस 01 किलो, लाइसेंसी बन्दूक 03 नग, जिन्दा कारतूस 21 नग, खाली कारतूस 02 नग, टार्च 03 नग, मांस काटने में प्रयुक्त होने वाले बके 03 नग, तलवार 01 नग, मोटरसाईकिल 01 एवं मोबाईल 03 नग, 23 मीटर लम्बाई का तीतर पकड़ने का पिंजरा 01 नग, मांस काटने का लकड़ी का टुकड़ा 01 नग जप्त करते हुए वन अपराध प्रकरण क्रमांक 47340/21 दिनांक 06 सितम्बर 2026 को पंजीबद्ध किया जाकर प्रकरण विवेचना में लिया गया। इस कार्यवाही में उप वनमण्डलाधिकारी रजनीश कुमार शुक्ला, रेंजर श्री रविकांत अमृते, उप वनक्षेत्रपाल श्री सर्जन सिंह मीणा, वनपाल श्री प्रीतम सिंह जाटव, वनपाल श्री सतीश श्रीवास्तव, वनपाल श्री लक्ष्मण सिंह यादव एवं परिक्षेत्र पश्चिम और पूर्व के वन स्टॉफ का उल्लेखनीय योगदान को लेकर आज जनसंपर्क कार्यालय रायसेन द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है। लेकिन इस पूरी कार्यवाही ने पहली बार रायसेन जिले में वन विभाग की कार्यवाही पर सवाल खड़े कर दिए है। जो इस प्रकार है।
1- करीब एक कुंटल बजन से ऊपर का जंगली जानवर सांभर के शिकार के बाद केवल 7 किलो मांस जप्त कर पाना कई सवाल खड़े करता है।
2- शिकार में प्रयुक्त बंदूकें तो जप्त हुई लेकिन उनके लायसेंस क्यों नहीं जप्त किए गए।
3- अमूमन शिकार जहां से जप्त हो उस वाहन या जहां से मिला जैसे फ्रिज बर्तन आदि जप्त किया जाता है। लेकिन एक समाज विशेष पर वन विभाग की इतनी कृपा आखिर क्यों हो गई। जो उन्होंने फ्रिज तक की जप्ती नहीं की गई।
4- घटना के बाद आरोपियों के समाज के पिपलई- पोहरा याकूबपुर तक से लोग वन विभाग पर दबाव बनाने पहुंच गए तो क्या शिकार के अंश इन गांवों तक नहीं पहुंचे होगे..जिस कारण मौके पर इतना कम मांस ही वन विभाग जप्त कर पाया..
अब देखना होगा इस संवेदनशील मामले में ईमानदार डीएफओ मेडम कितनी ईमानदारी से कार्रवाई कर पाती है।