सी के पारे रायसेन
कृषक सेवा सहकारी संस्था बाड़ी के अंतर्गत शिव शक्ति वेयर हाउस स्थित खरीदी केंद्र पर समर्थन मूल्य पर मूंग उपार्जन का कार्य शासन के निर्देशानुसार शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। खरीदी प्रक्रिया के दौरान किसानों की सुविधा, पारदर्शिता और शासन द्वारा निर्धारित नियमों का विशेष ध्यान रखा गया।
समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी का कार्य कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा, जिला विपणन अधिकारी कल्याण सिंह ठाकुर, खाद्य अधिकारी श्री कातुलकर, कृषि विभाग के अधिकारियों, उपायुक्त सहकारिता श्रीमती अंजलि धुर्वे, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अजय कुमार झा, बाड़ी एसडीएम, तहसीलदार, शाखा प्रबंधक, प्रशासक एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। खरीदी कार्य में कृषक सेवा सहकारी संस्था बाड़ी के समिति प्रबंधक प्रदीप शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

गुणवत्ता परीक्षण से तौल तक पूरी हुई प्रक्रिया
खरीदी केंद्र पर किसानों की मूंग उपज का निर्धारित मापदंडों के अनुसार गुणवत्ता परीक्षण, तौल, दस्तावेजी कार्रवाई सहित अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निगरानी में उपार्जन प्रक्रिया संचालित होने से किसानों को अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने में सुविधा मिली।
समर्थन मूल्य पर मूंग उपार्जन शासन की किसान हितैषी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से पात्र किसानों को उनकी उपज का निर्धारित समर्थन मूल्य प्राप्त होता है।
कर्मचारियों और हम्मालों का किया सम्मान
खरीदी कार्य संपन्न होने के अवसर पर शिव शक्ति वेयर हाउस के संचालक चेतन चौहान ने खरीदी केंद्र पर कार्यरत कृषक सेवा सहकारी संस्था बाड़ी के कर्मचारियों एवं हम्मालों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस दौरान कर्मचारियों और सहयोगियों के सम्मान में प्रीति भोज का आयोजन भी किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, समिति पदाधिकारियों, हम्मालों एवं किसानों ने खरीदी कार्य को सफल बनाने में मिले सहयोग के लिए एक-दूसरे का आभार व्यक्त किया।
किसान हित में सुचारू रही खरीदी व्यवस्था
शिव शक्ति वेयर हाउस स्थित खरीदी केंद्र पर पूरी प्रक्रिया के दौरान व्यवस्थाएं सुचारू रहीं। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की निगरानी में मूंग उपार्जन कार्य संपन्न होने से किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। शासन की मंशा के अनुरूप पूरी खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान हितैषी बनाए रखने का प्रयास किया गया।