कंधों पर कांवड़, जुबां पर भोलेनाथ का नाम; 25 से 30 किमी रोजाना पैदल चलकर पूरी करेंगे यात्रा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सावन माह के नजदीक आते ही क्षेत्र में भगवान भोलेनाथ की भक्ति का रंग गहराने लगा है। शिवभक्तों के कांवड़ लेकर अपने गृह क्षेत्र की ओर लौटने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को ग्राम सेमरा के सरपंच भानु लोधी के नेतृत्व में करीब 150 युवाओं का कांवड़िया जत्था नर्मदा से जल लेने के लिए बुधनी घाट पहुंचा। जत्थे में सेमरा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के युवा शामिल रहे।
बुधनी घाट पर श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी से अपनी-अपनी कांवड़ में पवित्र जल भरा और इसके बाद पैदल यात्रा शुरू कर दी। डीजे, ढोल और नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगाते हुए कांवड़िए अपने गृह क्षेत्र की ओर रवाना हुए। श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया है कि वे प्रतिदिन करीब 25 से 30 किलोमीटर पैदल यात्रा करेंगे और सोमवार को सेमरा सहित आसपास के ग्रामों में पहुंचकर स्थानीय शिवालयों में नर्मदा जल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
बारिश और लंबी दूरी भी नहीं रोक पा रही आस्था
कंधों पर कांवड़ और मन में भोलेनाथ के प्रति अटूट आस्था लिए श्रद्धालु कठिन पदयात्रा पर आगे बढ़ रहे हैं। बारिश, लंबी दूरी और रास्ते की परेशानियों की परवाह किए बिना कांवड़िए पूरे उत्साह के साथ यात्रा कर रहे हैं। यात्रा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह लोगों द्वारा कांवड़ियों का स्वागत कर उनका उत्साह बढ़ाया जा रहा है।
हाईवे-18 पर बढ़ी कांवड़ियों की आवाजाही
सावन माह के दौरान पिछले करीब एक महीने से भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर कांवड़ियों की आवाजाही लगातार बढ़ी है। कोई श्रद्धालु उज्जैन महाकालेश्वर की ओर कांवड़ लेकर जा रहा है तो कोई नर्मदा, कुबेश्वर धाम सहित अन्य धार्मिक स्थलों से जल लेकर अपने गांवों की ओर लौट रहा है।
हाईवे से गुजरते समय कांवड़ियों के जत्थे श्रद्धालुओं और राहगीरों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। वाहन चालक भी कांवड़ियों की भक्ति और कठिन पदयात्रा के संकल्प को देखकर उनकी सराहना करते नजर आ रहे हैं।
आस्था, तपस्या और समर्पण का प्रतीक बनी कांवड़ यात्रा
सावन की यह कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की अटूट आस्था, कठिन तपस्या और भगवान भोलेनाथ के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण बनती जा रही है। हाईवे-18 सहित क्षेत्र की अन्य सड़कों पर रोजाना दिखाई दे रहे कांवड़ियों के जत्थों से पूरा वातावरण शिवमय नजर आ रहा है। सोमवार को जब ये श्रद्धालु अपने-अपने गांवों के शिवालयों में नर्मदा जल से अभिषेक करेंगे, तब क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल और भी दिखाई देगा।