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बालमपुर घाटी में फिर टला बड़ा हादसा, ब्रेक फेल ट्रक खाई में गिरने से बाल-बाल बचा

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एक दिन पहले चार ट्रक चढ़ाई पर हुए थे खराब, बार-बार लगता रहा जाम; ग्रामीणों ने मजबूत क्रैश बैरियर और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की

मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन

भोपाल-विदिशा मार्ग की खतरनाक बालमपुर घाटी पर  बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बीना से गेहूं लेकर भोपाल जा रहा एक ट्रक घाटी की चढ़ाई के दौरान अचानक ब्रेक फेल होने से अनियंत्रित होकर पीछे की ओर तेजी से लुढ़कने लगा। ट्रक खाई की ओर बढ़ रहा था, लेकिन चालक और परिचालक की सूझबूझ, सड़क किनारे लगी लोहे की रेलिंग और पत्थरों के सहारे वाहन को रोक लिया गया। इससे ट्रक खाई में गिरने से बाल-बाल बच गया।

जानकारी के अनुसार ट्रक विदिशा से भोपाल की ओर जा रहा था। बालमपुर घाटी की चढ़ाई पर पहुंचते ही अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए। ब्रेक काम नहीं करने पर ट्रक पीछे की ओर ढलान में तेजी से जाने लगा। स्थिति को भांपते हुए क्लीनर ने तत्काल पीछे के पहियों में पत्थर अड़ाने का प्रयास किया। इसी दौरान ट्रक सड़क किनारे लगी लोहे की रेलिंग से टकराकर रुक गया। यदि ट्रक रेलिंग से नहीं अटकता तो वह सीधे खाई में जा सकता था और बड़ा हादसा हो सकता था।

रेलिंग बनी जिंदगी बचाने का सहारा

हादसे के दौरान सड़क किनारे लगी रेलिंग ही ट्रक को खाई में जाने से रोकने में सबसे अहम साबित हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले एमपी आरडीसी द्वारा बालमपुर घाटी के दोनों ओर लगी लोहे की रेलिंग को दुरुस्त करने का काम कराया जा रहा था। यदि रेलिंग की मरम्मत नहीं की गई होती तो इस घटना में ट्रक के खाई में गिरने की आशंका काफी अधिक थी।

एक दिन पहले चार ट्रक हुए थे खराब

बालमपुर घाटी पर वाहनों के खराब होने का सिलसिला भी लगातार जारी है। मंगलवार-बुधवार देर रात घाटी की चढ़ाई पर चार ट्रक खराब हो गए थे। इन ट्रकों को पत्थरों के सहारे रोककर खड़ा किया गया था। एक साथ कई भारी वाहन खराब होने के कारण घाटी पर बार-बार जाम की स्थिति बनती रही। इससे दूसरे वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

लगातार बढ़ रहा हादसों का खतरा

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक बालमपुर घाटी पर भारी वाहनों के ब्रेक फेल होने और नियंत्रण खोने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। घाटी की चढ़ाई, खतरनाक मोड़ और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यहां दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल रेलिंग की मरम्मत पर्याप्त नहीं है, बल्कि घाटी को सुरक्षित बनाने के लिए स्थायी इंतजाम किए जाने चाहिए।

ग्रामीणों ने उठाई सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग

ग्रामीणों ने मांग की है कि बालमपुर घाटी पर मजबूत क्रैश बैरियर और नई रेलिंग लगाई जाए। इसके अलावा खतरनाक मोड़ों पर चेतावनी संकेतक, रंबल स्ट्रिप, रात में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और आपातकालीन सहायता केंद्र की व्यवस्था की जाए। भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण के साथ घाटी में प्रवेश से पहले उनके ब्रेक की जांच की व्यवस्था करने की मांग भी की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि बालमपुर घाटी पर लगातार सामने आ रही घटनाएं किसी बड़े हादसे की चेतावनी हैं। समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है।

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