महामृत्युंजय अनुष्ठान की पूर्णाहुति, असंख्य शिवलिंग निर्माण के साथ में सुख-समृद्धि और अच्छी बारिश की कामना
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम अंबाडी में सावन माह के पावन अवसर पर आयोजित महामृत्युंजय महायज्ञ एवं अनुष्ठान बुधवार को विधि-विधान के साथ पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान वैदिक परंपरा के अनुसार असंख्य शिवलिंगों का निर्माण कर भगवान शिव का विशेष पूजन-अर्चन और रुद्राभिषेक किया गया। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान भोलेनाथ से परिवार, गांव और क्षेत्र की खुशहाली की प्रार्थना की।
अनुष्ठान का संचालन पंडित मनोज शास्त्री के सानिध्य में सोनू भार्गव शास्त्री एवं मोनू भार्गव शास्त्री द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कराया गया। पूरे आयोजन के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप, रुद्राभिषेक और हवन-पूजन संपन्न हुआ। बुधवार को पूर्णाहुति के साथ श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण, ग्राम में सुख-शांति, समृद्धि और क्षेत्र में शीघ्र अच्छी वर्षा होने की कामना की।
पंडित मनोज शास्त्री ने बताया कि सावन मास में भगवान शिव की आराधना और महामृत्युंजय अनुष्ठान का विशेष महत्व माना गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न द्रव्यों से शिवलिंग का अभिषेक करने के अलग-अलग आध्यात्मिक फल बताए गए हैं। गाय के दूध से अभिषेक करने पर उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु, दही से भवन, वाहन और पारिवारिक सुख-शांति, गन्ने के रस से आर्थिक समृद्धि एवं दरिद्रता का नाश, शहद और घी से धन-धान्य तथा वंशवृद्धि, जबकि जल या गंगाजल से अभिषेक करने पर मानसिक शांति और तनाव से मुक्ति की प्राप्ति होती है। वहीं जल, दूध और पंचामृत अर्पित करने से भक्तों के पापों का क्षय होता है तथा मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।
आयोजकों ने बताया कि इस धार्मिक अनुष्ठान का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत कल्याण नहीं, बल्कि पूरे ग्राम में सुख, शांति, समृद्धि, सामाजिक सौहार्द और समय पर अच्छी वर्षा की कामना करना है। पूर्णाहुति के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया और सभी ने भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र के मंगल एवं जनकल्याण की प्रार्थना की।