नर्मदापुरम | राष्ट्रीय सैनिक संस्था के 19वें राष्ट्रीय अधिवेशन में विकसित भारत 2047 के संकल्प के साथ देश के सभी स्कूलों में 15 दिन का प्रारंभिक सैनिक प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से लागू कराने का आह्वान किया गया।
संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति, चरित्र निर्माण, नागरिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा मिलेगा।

सिकंदराबाद, तेलंगाना स्थित MCEME ऑडिटोरियम, मिलिट्री कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग में आयोजित इस अधिवेशन में तेलंगाना के राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि विकसित भारत का सपना वीर जवानों के योगदान के बिना अधूरा है। उन्होंने राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्र निर्माण, अनुशासन और देशभक्ति से जुड़े अभियान में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर चक्र कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने बताया कि संस्था ने स्कूलों के लिए 15 दिवसीय प्रारंभिक सैनिक प्रशिक्षण का संपूर्ण पाठ्यक्रम और लेसन प्लान तैयार कर लिया है। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर, जबलपुर और गाजियाबाद में इसके पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं।

अधिवेशन के दौरान विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को उत्कृष्ट देशभक्ति कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आचार्य डॉ. लोकेश मुनि, एयर मार्शल राहुल भसीन, प्रो. जी. नीलम पवार, मेजर जनरल अशोक बेदी सहित अनेक गणमान्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे। विभिन्न राज्यों से आए करीब 400 प्रतिनिधियों ने अधिवेशन में हिस्सा लेकर सामूहिक रूप से जय हिंद बोलने और देशभक्ति से जुड़े आयोजनों में सहभागिता का संकल्प लिया।

राष्ट्रीय सैनिक संस्था मध्य प्रदेश इकाई की ओर से प्रदेश संरक्षक मार्गदर्शक कर्नल एम. के. त्यागी, युवा विंग जिला अध्यक्ष प्रियांशु धारसे,नर्मदापुरम एवं अन्य प्रतिनिधियों ने अधिवेशन में सहभागिता की।