विदिशा। लक्ष्मी नारायण मंदिर, नंदवाना में गुरु पूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन मनमोहन शर्मा (मुखिया) एवं ब्रजकिशोर गोयल के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज, धर्म, साहित्य एवं इतिहास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभिन्न महानुभावों का सम्मान किया गया।
इस अवसर ,प्रख्यात लेखिका-उपन्यासकार,पूर्व प्राचार्य डॉ कमल चतुर्वेदी ,इतिहासकार गोविंद देवलिया तथा धर्माचार्य डॉ मनोज नारायण शास्त्री को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में आचार्य शिवकुमार तिवारी ने अपने उद्बोधन में गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु की कृपा मनुष्य के जीवन को सही दिशा, ज्ञान और आत्मिक उन्नति प्रदान करती है। डॉ. कमल चतुर्वेदी ने भारतीय संस्कृति एवं विभिन्न धर्मग्रंथों में वर्णित गुरु-परंपरा की महिमा पर प्रकाश डाला।
इतिहासकार गोविंद देवलिया ने ऐतिहासिक संदर्भों के माध्यम से विदिशा की सांस्कृतिक विरासत तथा सनातन हिंदू धर्म की गौरवशाली परंपराओं का उल्लेख किया। वहीं डॉ मनोज नारायण शास्त्री ने अपने जीवन के प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से गुरु कृपा का महत्व बताया।
कार्यक्रम में हरिनारायण शर्मा, आचार्य सुरेश शर्मा, विनोद साहू,सुरेंद्र कुशवाहा, बलराम विश्वकर्मा, स्वर्णकार जी,विज्बे जी, सहित विश्व गीता प्रतिष्ठान के पदाधिकारी एवं सदस्य सहित अनेक गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु एवं धर्मप्रेमी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का कुशल संचालन पंडित सतीश व्यास।ने किया, जबकि मनमोहन शर्मा (मुखिया) ने सभी अतिथियों, सम्मानित विभूतियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।उक्त जानकारी बृजकिशोर गोयल द्वारा प्रदान की गई।