हाथी पूजन की परंपरा निभाने में जुटीं महिलाएं, प्रजापति समाज की बुजुर्ग महिला भी हाथ से तैयार कर घर-घर पहुंचा रहीं मिट्टी के हाथी
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
आने वाले शनिवार को होने वाले महालक्ष्मी व्रत को लेकर क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं। महिलाओं ने व्रत और पूजन की सामग्री जुटाने के साथ ही पारंपरिक हाथी पूजन की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर मिट्टी के हाथी तैयार किए जा रहे हैं। वहीं प्रजापति समाज की बुजुर्ग महिला अपने हाथों से मिट्टी के हाथी बनाकर उन्हें घर-घर पहुंचा रही हैं।
बुजुर्ग महिला पहले मिट्टी को गूंथकर उसे हाथी का आकार देती हैं। इसके बाद तैयार हाथियों को सुखाया जाता है और पूजन के लिए तैयार किया जाता है। व्रत नजदीक आने के साथ ही इन मिट्टी के हाथियों की मांग भी बढ़ गई है। वह तैयार हाथियों को घर-घर जाकर महिलाओं को उपलब्ध करा रही हैं।
पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा
महिलाओं के अनुसार महालक्ष्मी व्रत के अवसर पर मिट्टी के हाथी रखकर पूजन करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इसी परंपरा को निभाने के लिए महिलाएं पहले से ही पूजन की तैयारियों में जुट गई हैं। घरों में मिट्टी के हाथी बनाने के साथ उन्हें सजाने और पूजन सामग्री जुटाने का काम भी चल रहा है।
पारंपरिक कला को मिल रहा सहारा
मिट्टी से हाथी बनाने का काम स्थानीय कारीगरी और पारंपरिक कला की झलक दिखाता है। प्रजापति समाज की बुजुर्ग महिला द्वारा हाथ से तैयार किए जा रहे ये हाथी न केवल पूजन सामग्री का हिस्सा हैं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही मिट्टी की कारीगरी को भी जीवित रखे हुए हैं। नई पीढ़ी की महिलाएं और बच्चियां भी इस परंपरा को सीखने और इसमें भाग लेने में रुचि दिखा रही हैं।